विद्यार्थियों ने जाना रेजिडेंसी और छतर मंजिल का इतिहास
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय और इतिहास संस्थान, नई दिल्ली के सहयोग से निदेशालय सभागार में रेजिडेंसी, छतर मंजिल और फरहत बख्श पर आधारित शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालक व बालिका विद्यालय मोहान रोड और विद्याज्ञान स्कूल सीतापुर के करीब 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। राज्य पुरातत्व निदेशक रेनू द्विवेदी ने विद्यार्थियों से स्थानीय विरासत, संग्रहालयों और ऐतिहासिक स्मारकों को जानने और उनके संरक्षण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लखनऊ सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. राजेंद्र यादव ने किस्सागोई को विरासत और इतिहास को समझने का प्रभावी माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों को अपने परिवार के बुजुर्गों से स्थानीय इतिहास एवं परंपराओं को जानने और संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया। इतिहास संस्थान नई दिल्ली की शिवानी, सुयशा और तीशा ने लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों के महत्व और संरक्षण पर जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।