कार्यशाला में बच्चों को दिया गया प्रशिक्षण। स्रोत स्वयं
छात्र-छात्राओं को टाई एंड डाई की पारंपरिक विधियां सिखाने के लिए गोमतीनगर स्थित लखनऊ पब्लिक कॉलेज में पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान रंगों और संस्कृति का संगम दिखा। फ्लोरेसेंस आर्ट गैलरी की संस्थापक निदेशक नेहा सिंह के नेतृत्व में कार्यशाला हुई।
नेहा सिंह ने बताया कि यह एक प्राचीन भारतीय वस्त्र कला है जो साधारण टाई और रंगाई तकनीकों का उपयोग करके सादे कपड़े को जीवंत व पैटर्न वाली उत्कृष्ट कृतियों में बदल देती है। क्यूरेटर भूपेंद्र अस्थाना व राजेश कुमार ने बताया कि कला और संस्कृति से जुड़ने के लिए बचपन से ही शुरुआत करने की जरूरत होती है। ऐसे कार्यशालाओं के जरिये बच्चों में कला और संस्कृति के प्रति समर्पित भावना को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कॉलेज की प्रधानाचार्य अनीता चौधरी ने कहा कि इस तरह के व्यावहारिक अनुभव न केवल रचनात्मकता को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि छात्रों को भारत की समृद्ध वस्त्र विरासत से भी जोड़ते हैं।
कार्यशाला में बच्चों को दिया गया प्रशिक्षण। स्रोत स्वयं
कार्यशाला में बच्चों को दिया गया प्रशिक्षण। स्रोत स्वयं
कार्यशाला में बच्चों को दिया गया प्रशिक्षण। स्रोत स्वयं