इंजीनियरिंग की अपेक्षा घट रही पीजी डिप्लोमा में छात्रों की रुचि
लखनऊ। राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में इंजीनियरिंग डिप्लोमा के मुकाबले पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रति विद्यार्थियों की रुचि कम होती नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की ओर से संचालित काउंसिलिंग प्रक्रिया में यह रुझान स्पष्ट रूप से सामने आया है।
संस्थानों में पीजी डिप्लोमा के छह पाठ्यक्रमों के लिए 75-75 सीटें निर्धारित की गई हैं। हालांकि, परिषद की ओर से जारी पहली काउंसिलिंग के दौरान दो दिनों में प्रति सीट औसतन केवल तीन विद्यार्थियों ने ही रुचि दिखाई है।
परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि इंजीनियरिंग, पीजी डिप्लोमा और फार्मेसी पाठ्यक्रमों में एक साथ काउंसिलिंग चल रही है। इनमें इंजीनियरिंग कोर्सों में अभ्यर्थियों की भागीदारी अपेक्षाकृत अधिक है, जबकि पीजी डिप्लोमा के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग में संख्या कम है। संस्थान प्रशासन को उम्मीद है कि आगामी चरणों में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए भी विद्यार्थियों की रुचि बढ़ेगी।