फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: विद्यार्थियों के नवाचारों को मिला सम्मान

विज्ञापन
विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के मेधावियों का हुआ सम्मान। -अमर उजाला 
विज्ञापन
लखनऊ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों के नवाचारों को सम्मानित किया गया। शुक्रवार को विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के छात्रों ने अपने अभिनव प्रोजेक्ट्स के जरिये सबका ध्यान आकर्षित किया।
विज्ञापन


गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के छात्र अनुज कुमार यादव को आईओटी आधारित स्मार्ट व्हीलचेयर प्रोजेक्ट के लिए प्रथम पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपये दिए गए। इस स्मार्ट व्हीलचेयर में वॉयस कंट्रोल, टक्कर से बचाव और स्वास्थ्य निगरानी जैसी उन्नत सुविधाएं शामिल हैं।
अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद के छात्र यश चंद्र को द्वितीय पुरस्कार स्वरूप 75,000 रुपये दिए गए। उन्होंने केव्लर-एपॉक्सी फाइबर कंपोजिट, आइसोट्रॉपी व लोड ट्रांसफर पर आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। वहीं, केआईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, गाजियाबाद के प्रणव चौधरी को फिंगर टाइप इंजेक्शन मैकेनिज्म आधारित स्वचालित कचरा संग्रहण प्रणाली विकसित करने के लिए 50,000 रुपये का तृतीय पुरस्कार मिला।
विज्ञापन


इसके अलावा ईशान द्विवेदी, रिया जैन, कुणाल कुमार, अमन कुशवाहा, अभिषेक निगम, यशवंत कुमार और कौशल कुमार को सांत्वना पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव पंधारी सिंह यादव ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर परिषद की संयुक्त निदेशक डॉ. हुमा मुस्तफा, डॉ. डी.के. श्रीवास्तव और डॉ. राधेलाल भी उपस्थित रहे।

सम्मानित विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया

- अनुज कुमार यादव ने बताया कि उनकी टीम ने लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट व्हीलचेयर विकसित की है। यह वॉयस कमांड से संचालित होती है और रियल टाइम स्वास्थ्य निगरानी, जैसे रक्तचाप ट्रैकिंग, की सुविधा प्रदान करती है।
- यश चंद्र ने कहा कि उनका सपना भारतीय तकनीक को आगे बढ़ाना है और यह पुरस्कार उनके उत्साह को और बढ़ाएगा। उनका लक्ष्य रोजगारपरक तकनीकों का विकास करना है।

- प्रणव चौधरी ने बताया कि सफाई व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए उन्होंने स्वचालित कचरा संग्रहण प्रणाली विकसित की है, जो भविष्य में इस क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें