नाराजगी जताते निदेशक और छात्राएं।
लखनऊ। गैस सिलिंडरों की किल्लत के कारण केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में दो सप्ताह से मेस की व्यवस्था चरमराई हुई है। आलम यह है कि छात्रावास के 350 से अधिक छात्र-छात्राओं को दाल-चावल और उबला हुआ भोजन परोसा जा रहा है। पौष्टिक आहार न मिलने से कई विद्यार्थियों की सेहत बिगड़ रही है और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो. सर्व नारायण झा ने मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन और संबंधित गैस एजेंसी को पत्र लिखकर सिलिंडर देने की गुहार लगाई है। शुक्रवार को उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ परिसर में धरना भी दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो हॉस्टल बंद करना पड़ेगा।
शुक्रवार शाम मिली मामूली राहत
धरना और प्रशासनिक दखल के बाद शुक्रवार शाम को विश्वविद्यालय को तीन गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए गए। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि छात्रावासों में हर महीने करीब 90 सिलिंडरों की खपत होती है। महज तीन सिलिंडरों से अगले दो दिन का खाना भी बनना मुश्किल है। वहीं, इससे पहले दोपहर में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने का प्रयास किया गया था, लेकिन बारिश के कारण खाना नहीं बन सका।
प्रशासन का रुख
यूनिवर्सिटी की मेस कोऑपरेटिव मॉडल पर चलती है और इंडेन गैस की आपूर्ति कैप्टन मनोज पांडे गैस एजेंसी से होती है। एडीएम (आपूर्ति) ज्योति गौतम ने बताया कि मामले का संज्ञान लिया गया है और लिखित पत्र मिलते ही सिलिंडरों की नियमित व्यवस्था करा दी जाएगी।