लखनऊ में चिनहट के मल्हौर इलाके में स्थित एमिटी कॉलेज परिसर में पुरानी रंजिश में एक छात्र ने दूसरे पर चापड़ से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल छात्र को तत्काल सहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत बिगड़ने पर ट्रामा सेंटर भेजा गया है। वहीं वारदात के बाद आरोपी छात्र को दबोच लिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच गर्लफ्रेंड को लेकर विवाद चल रहा था।
एमिटी कॉलेज में बीएएलएलबी के सातवें सेमेस्टर के छात्र चंद्रभूषण भारद्वाज व सुधांशु शेखर आपस में दोस्त थे। उनके दोस्त अनिमेश ने बताया कि 11 बजे क्लास चल रही थी। चंद्रभूषण भारद्वाज व अन्य साथी भी क्लास में बैठे थे। क्लास खत्म होने से कुछ देर पहले सुधांशु शेखर आया और सबसे आखिरी वाली सीट पर बैठ गया। क्लास खत्म हुआ और शिक्षक कमरे से बाहर निकले। इसी बीच सुधांशु अपनी सीट से उठा और बैग से चापड़ निकालकर चंद्रभूषण पर हमला बोल दिया। उसने ताबड़तोड़ तीन-चार बार वार किया। हमला होते ही चंद्रभूषण खून से लथपथ होकर वहीं गिर गया। आननफानन उसके साथियों ने सुधांशु को पकड़ा। इसके बाद चंद्रभूषण को गंभीर हालत में सहारा अस्पताल लेकर गये। जहां प्राथमिक उपचार शुरू हुआ। इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टरों ने ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
गर्लफ्रेंड को लेकर हुआ विवाद
प्रभारी निरीक्षक चिनहट तेज बहादुर सिंह के मुताबिक दोनों में गर्लफ्रेंड को लेकर विवाद हुआ था। इसी को लेकर सुधांशु ने चंद्र भूषण पर हमला किया है। हालांकि घायल के साथी अनिमेश कुमार की तहरीर पर सुधांशु के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
हत्या करने की नियत से आया था सुधांशु
चंद्रभूषण के दोस्त अभियान सिन्हा के मुताबिक सुधांशु पूरी तैयारी करके आया था। वह चंद्रभूषण की हत्या करना चाहता था। इसलिए सुधांशु अपने बैग में चापड़ रखकर लाया था। मौका मिलते ही उसने चंद्रभूषण के गर्दन को निशाना बनाकर हमला किया। लेकिन निशाना चूक गया और चापड़ दूसरी जगह लग गया। हमला होते ही दोस्तों ने चंद्रभूषण को दूसरी तरफ खींच ले गये। वहीं सुधांशु को भी दबोच लिया। जिसके कारण चंद्रभषूण की जान बच गई।
किसी से नहीं बोलता था सुधांशु
साथी छात्रों के मुताबिक सुधांशु किसी से नहीं बात करता था। वह क्लास में देर से आता था और बिना ज्यादा किसी से बात किए चुपचाप बैठा रहता था। जब भी किसी बात भी करता था, तो साइको की तरह लगता था। इसलिए ज्यादा कोई बोलता भी नहीं था। वहीं कुछ साथियों ने बताया की सुधांशु का कॉलेज की लड़की से अफेयर चल रहा था। इस दौरान लड़की दोस्ती चंद्रभूषण से हो गई और उन दोनों में लड़ाई शुरु हो गई। ऐसे में सुधांशु से उसकी दोस्त ने बात करना बंद कर दिया। इसके बाद से सुधांशु डिप्रेशन में चला गया और सभी से बात करने बंद कर दिया था। इसके बाद से वह चंद्रभूषण से नफरत करने लगा था।
कॉलेज में सिर्फ आईकार्ड चेक होता
कॉलेज के छात्रों से बातचीत करने पर पता चला की कालेज में सुरक्षा व्यवस्था पर तैनात गार्ड आईकार्ड व ड्रेस चेक करते हैं। बाकी कोई कुछ भी लेकर आए इसकी जांच तक नहीं होती है। बताया जाता है कि सुधांशु चापड़ खरीदकर लेकर आया और कॉलेज में किसी को जानकारी नहीं हुई।
पहले भी परिसर में हो चुके है असलहों के प्रदर्शन
कॉलेज परिसर में असलहा पहली बार नहीं गया है। छात्रों की माने तो कॉलेज में मनबढ़ छात्र अक्सर असलहे लेकर आ जाते है। जिन पर न तो प्रशासन रोक लगा पा रहा है और न वहीं सुरक्षाकर्मी उनको रोक पाते हैं। छात्रों के मुताबिक आए दिन छात्रों के बीच मारपीट होती है। बावजूद इसके सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाता है। यही नहीं कुछ महीने पहले एक छात्र ने असलहा निकालकर एक छात्र के मुंह पर लगा दिया था। इसके बाद पूरे कॉलेज में हडकंप मच गया था, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने बात को वहीं दबा दिया। हालात यह है कि अभी भी कुछ छात्र असलहा लेकर कॉलेज आते हैं।