लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और यूजीसी के दिशा-निर्देशों के तहत इसी साल जुलाई से लविवि के काॅमर्स संकाय में स्नातक अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम की शुरुआत की जा रही है।
कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसके तहत अप्रेंटिसशिप को डिग्री में क्रेडिट आधारित पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे यह कोर्स नियमित पाठ्यक्रम के समान मान्यता प्राप्त करेगा। प्रवेश प्रक्रिया भी सामान्य स्नातक पाठ्यक्रमों की तरह ही होगी। प्रत्येक छात्र के लिए विश्वविद्यालय, उद्योग और छात्र के बीच त्रिपक्षीय समझौता अनिवार्य होगा।
यूजीसी से मंजूरी प्राप्त यह कार्यक्रम, शिक्षा को उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने पर केंद्रित होगा। इस कार्यक्रम का मकसद छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाना और उन्हें पढ़ाई के साथ ही व्यावहारिक अनुभव देना है। इसके साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय इस मॉडल को अपनाने वाले अग्रणी संस्थानों में शामिल हो जाएगा।
चार वर्षीय होगा यह बीकाॅम कोर्स
काॅमर्स संकाय में बीकॉम (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा), बीकॉम रिटेल मैनेजमेंट और बीकॉम ई-कॉमर्स में 75-75 सीटें निर्धारित की गई हैं। सभी पाठ्यक्रम चार वर्ष यानी आठ सेमेस्टर के होंगे और प्रति सेमेस्टर शुल्क 27,880 रुपये तय किया गया है।
वर्जन
उच्च शिक्षा में यह माॅडल बड़ा बदलाव लेकर आएगा। इससे छात्र पढ़ाई के साथ ही प्रोफेशनली कार्यस्थल के लिए तैयार होंगे। - प्रो. जेपी. सैनी, कुलपति, लविवि