अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान में मेधावियों को उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा से सवाल पूछने का भी अवसर मिला। इस दौरान स्टूडेंट्स ने बेबाकी से अपनी समस्याएं रखीं और मन में करियर समेत अन्य विषयों पर सवाल पूछे।
सिद्घार्थ नगर से आए शहबाज ने सवाल किया कि आप बचपन में क्या सपना देखते थे जो आज आप डिप्टी सीएम बन गए। जिस पर उपमुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि मैं टीचर बनना चाहता था और बना भी। 16 में से 15 कंप्टीशन में सफलता पाई। इसलिए जिस लक्ष्य के पीछे पड़ेंगे वह जरूर हासिल कर लेंगे लेकिन इन सब में माता-पिता का मार्गदर्शन जरूरी है। जीवन में विनम्र बनें क्योंकि अहंकार के कारण कभी सफलता नहीं मिल सकती। क्रोध में रहो तो शांत रहो।
एक छात्र ने पूछा कि यूथ कैसे बदलाव ला सकता है। क्या उसे राजनीति में आना चाहिए?
- डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि राजनीति व्यवसाय के लिए नहीं करना चाहिए। नौजवानों से अपील है कि पहले लक्ष्य के प्रति समर्पित हों। सेवा का भाव है तो राजनीति में आना चहिए। लेकिन पहले परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करें। आजीविका के उचित साधन उपलब्ध होने के बाद ही राजनीति में आएं।
प्रतापगढ़ से आए दीपक पटेल ने पूछा कि जीवन क्या है?
-इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि जीवन बड़ा अनमोल है। रोते-रोते व्यक्ति आता है। लोग रोते-रोते विदा कर देते हैं। इसके बीच का समय जो है वो हमें समाज के हित में लगाना है। हमें ऐसे काम करने चाहिए जिससे हमारे जाने के बाद भी लोग हमें याद करें।
मेधावियों के सवालों के बीच उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी छात्रों से परीक्षा से जुड़े अनुभव पूछे। जिस पर कानपुर देहात से आए अनुज तिवारी ने जवाब दिया कि इस बार परीक्षा में बहुत बदलाव दिखा और नकलविही़न परीक्षा से पढ़ने वाले बच्चों को बहुत लाभ मिला है. इससे हमारा मनोबल बढ़ा है।