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Lucnow University: लविवि में लाल बारादरी मामले पर दिनभर हंगामा, छात्र संगठनों के बीच टकराव

Mon, 23 Feb 2026 07:37 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

बारादरी में तोड़फोड़ व सड़क पर नमाज पढ़ने पर एबीवीपी छात्रों ने प्रदर्शन किया। वहीं, लविवि परिसर में अवैध मजारों की जांच कर उन्हें ध्वस्त करने की मांग की। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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जर्जर लाल बारादरी खुलवाने को प्रदर्शन करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऐतिहासिक लाल बारादरी मुद्दे पर सोमवार को छात्र संगठनों के बीच तीखा विरोध-प्रदर्शन हुआ। एबीवीपी से जुड़े विद्यार्थियों ने बारादरी में कथित तोड़फोड़ और विश्वविद्यालय परिसर में सड़क पर नमाज व इफ्तारी किए जाने के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। छात्रों की ओर से विवि परिसर में अवैध मजारों की जांच कर ध्वस्त करने की मांग भी उठाई।

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वहीं एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा और आईसा के कार्यकर्ता जर्जर घोषित इमारत का ताला खुलवाने की मांग पर अड़े रहे और दिनभर बवाल काटा। सोमवार सुबह से ही संयुक्त छात्र सभा के सैकड़ों छात्र लाल बारादरी के आसपास इकट्ठे होकर नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन तक पहुंच गए। दोपहर बाद ये छात्र मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए, जिससे परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

वहीं एबीवीपी के छात्र नेता जतिन शुक्ला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन का कहना है कि जर्जर घोषित भवन को औजारों से नुकसान पहुंचाया गया और परिसर में सड़क पर नमाज व इफ्तारी कर माहौल प्रभावित किया गया।
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छात्र नेता आलोक मिश्रा और विवेक मिश्र ने परिसर में अवैध मजारों की जांच कर ध्वस्त करने की मांग भी उठाई। अनुराग सिंह तोमर ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र है, यहां किसी भी विवादित सांप्रदायिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

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विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि लाल बारादरी अत्यंत जीर्ण-शीर्ण हालत में है और सुरक्षा कारणों से प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। पूर्व में यूको बैंक और स्टाफ क्लब को भी इसी आधार पर हटाया गया था। भवन के बाहर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। निर्णय का किसी समुदाय से संबंध नहीं है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से जीर्णोद्धार के लिए पत्राचार जारी है।

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