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Lucknow News: आठ दिन से लापता छात्र की हत्या, शव जलाने की कोशिश

Fri, 20 Dec 2024 02:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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पीयूष। (फाइल फोटो)
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लखनऊ। आठ दिन से लापता बीकेटी के हाजीपुर गांव निवासी पीयूष उर्फ मानू रावत (20) की हत्या कर दी गई। वह एयरफोर्स रोड स्थित आदर्श मांटेसरी स्कूल में 11वीं के छात्र थे। उनका शव भौली विश्रामपुर गांव के जीआईटी कॉलोनी के खंडहर में बृहस्पतिवार शाम को मिला। हत्या के बाद बदमाशों ने शव जलाने की कोशिश भी की थी। एडीसीपी उत्तरी जीतेंद्र कुमार दुबे के मुताबिक बीकेटी थाने में छात्र की गुमशुदगी दर्ज थी। पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
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पीयूष महिंगवा दौलतपुर के रहने वाले थे। उनका ननिहाल हाजीपुर गांव में था, वहां उनके परिजन रहते थे। मामा दिनेश रावत के मुताबिक 12 दिसंबर की रात 7:30 बजे पीयूष घर के बाहर आग ताप रहे थे। इसी बीच बाइक से एक युवक वहां आया और उन्हें साथ लेकर चला गया। उनके नहीं लौटने पर परिजनों ने फोन मिलाया तो संपर्क नहीं हो सका। कुछ देर बाद पीयूष का फोन बंद हो गया। 13 दिसंबर को परिजनों ने बीकेटी थाने में सूचना दी। इसके बाद गुमशुदगी दर्ज की गई।

आरोप है कि पुलिस ने पीयूष को बरामद करने में तेजी नहीं दिखाई। बृहस्पतिवार शाम को भौली गांव के कुछ लोगों ने शव देखकर पुलिस को जानकारी दी। इस बीच पीयूष के परिजनों को इसकी सूचना मिल गई। दिनेश ने शव देखकर उसकी पहचान अपने भांजे पीयूष के रूप में की। देखते ही देखते वहां पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। बवाल बढ़ता देख कई थानों की फोर्स बुला ली गई।
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पहले तड़पाया फिर मार डाला

दिनेश के मुताबिक पीयूष के चेहरे, गले और सिर समेत शरीर के कई अंगों पर चोट के निशान मिले हैं। नाक से खून भी निकल रहा था। आरोप है कि हत्यारों ने पहले कई दिन तक पीयूष को तड़पाया और फिर हत्या कर दी। उसके सीने पर जलने के निशान भी मिले हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हाथ व चेहरे को भी जलाने का प्रयास किया गया था। दिनेश ने बताया कि शव देखकर ऐसा लग रहा था कि हत्या दो-तीन दिन पहले की गई है।

आरोप- टरकाती रही पुलिस, नहीं खंगाले कैमरे

दिनेश ने बीकेटी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कई बार कहने के बावजूद विवेचक ने सीसीटीवी कैमरे नहीं खंगाले। पीड़ित परिवार ने खुद से पीयूष के फोन की आखिरी लोकेशन निकलवाई और विवेचक को बताया। बावजूद इसके पुलिस ने अंतिम लोकेशन पर छानबीन करने का प्रयास नहीं किया। आरोप है कि पुलिस ने अगर गंभीरता दिखाई होती तो शायद पीयूष की जान बच जाती। वहीं, एडीसीपी उत्तरी का कहना है कि गुमशुदगी दर्ज होने के बाद से पुलिस पीयूष की तलाश कर रही थी।
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