बिहार में पूर्वी चंपारण के नौहर चौक गमहरिया रक्सौल के बारहवीं के छात्र ने 22 युवकों के अकाउंट हैक कर लिए।
छात्र ने यूपी व बिहार के 22 युवकों को ऑनलाइन परचेजिंग का झांसा देकर बैंक डिटेल ली। फिर उनके बैंक अकाउंट हैक कर लाखों रुपये उड़ा दिए।
युवकों की शिकायत पर साइबर सेल ने आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर मंगलवार को हजरतगंज इलाके से जालसाज छात्र को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से दो टैबलेट और दो हाइटेक फोन बरामद किए हैं।
आरोपी छात्र के पिता झोलाछाप डॉक्टर हैं और बिहार में क्लीनिक चलाते हैं। आरोपी छात्र मां का पीजीआई में इलाज कराने लखनऊ आया था।
साइबर सेल के नोडल अफसर व हजरतगंज के सीओ दिनेश यादव के मुताबिक गोमतीनगर के विश्वास खंड निवासी अनुज चौधरी ने 20 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए 30 हजार रुपये में एक आईफोन-5 खरीदा था।
जिस व्यक्ति ने आईफोन लिस्ट किया था उसका नाम मोहाते है। फोन खरीदने के बाद मोहते ने फेसबुक पर रिक्वेस्ट भेजी। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद दोनों में चैटिंग शुरू हो गई और धीरे-धीरे दोस्ती हो गई।
एक दिन मोहाते ने मैकबुक लैपटॉप खरीदने के लिए ऑफर दिया। उसने कहा कि रकम का भुगतान लैपटॉप की डिलीवरी होने के बाद कर देना।
मोहाते ने बताया कि अभी केवल 100 रुपये का भुगतान मेरे भेजे गए लिंक पर करना है। अनुज ने बताया कि मोहाते द्वारा भेज गए लिंग पेज पर मैंने बैंक डिटेल भर दी।
मगर कंप्यूटर ने पेमेंट फेल्ड का मैसेज दिया। अनुज ने बताया कि ऐसे ही उसके एक मित्र ने भी अपने बैंक अकाउंट की डिटेल भरी। मगर उसके पास भी पेमेंट फेल्ड का मैसेज आया।
थोड़ी देर बाद पता चला कि मेरे मित्र के अकाउंट से 1.25 लाख और मेरे अकाउंट से 25 हजार रुपये कट गए। साइबर सेल ने आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
साइबर सेल ने सर्विलांस के जरिए जालसाज की लोकेशन ली। पुलिस ने मंगलवार को जालसाज छात्र को लालबाग चौराहे के पास से दबोच लिया।
आरोपी की पहचान बिहार में पूर्वी चंपारण के नौहर चौक गमहरिया रक्सौल निवासी मोहतिर के रूप में की गई। मोहतिर ने इसी साल पूर्वी चंपारण के गणेश महावीर उच्च विद्यालय से 12वीं की परीक्षा पास की है।
पुलिस के मुताबिक मोहतिर के पिता शिफात उल्ला डिप्लोमा होल्डर हैं और बिहार में अपना क्लीनिक चलाते है।
छात्र ने बताया कि, उसकी मां बीमार है। उनका पीजीआई में इलाज चल रहा है। आरोपी ने बिहार के 20 लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाने की बात कबूली है।
उसने बताया कि पीजीआई में रहने के दौरान पैसों की कमी के चलते उसने ठगी का सिलसिला शुरू किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास से मिला सामान उसने ठगी के पैसों से खरीदा था।
जनवरी से कर रहा धंधा
पुलिस गिरफ्त में आए जालसाज छात्र ने बताया कि, जनवरी 2013 से यह गोरखधंधा कर रहा है।
ऑनलाइन परचेजिंग के जरिए वह लोगों से लाखों रुपये हड़प चुका है। वह पहले फोन फ्रैंड बनाकर विश्वास जीतता है फिर उन्हें लालच में फंसाकर रुपये ऐंठता था।