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दोस्त की खुदकुशी के छह दिन बाद जान दी, सुसाइड नोट में लिखी ये बात

Mon, 06 Feb 2017 04:03 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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आलोक (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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लखनऊ के हुसैनगंज में दादा मियां की मजार के पास मेडिकल काउंसिल फैकल्टी परिसर में रविवार देर रात कक्षा 11 के छात्र आलोक अवस्थी (17) ने दोनाली बंदूक से सिर पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
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वह चारबाग स्थित बाल विद्या मंदिर स्कूल का छात्र था। सूचना पाकर आई पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने जिंदगी से ऊबकर खुदकुशी करने की बात लिखी है।

पुलिस ने बंदूक जब्त कर ली है। हुसैनगंज इंस्पेक्टर अखिलेश पांडेय ने बताया कि आलोक मूल रूप से बांदा के गिरवा थाना क्षेत्र स्थित सोता गांव का रहने वाला था। पिता विनय कुमार अवस्थी और रिश्ते के चाचा रामनरायन तिवारी मेडिकल काउंसिल फैकल्टी में ही सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं।
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वह वहीं काउंसिल परिसर में ही एक कमरे में रहते हैं। विनय बीते दिन गांव गए थे जबकि रामनरायन किसी काम से बाहर गए थे। कमरे में आलोक के अलावा उसका बड़ा भाई रजत था।

रात करीब साढ़े नौ बजे रजत कपड़े प्रेस कर रहा था तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई। वह भागकर मौके पर पहुंचा तो आलोक को खून से लथपथ तड़पता देखकर चीख निकल गई।  पास ही दोनाली बंदूक पड़ी हुई थी।     
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छात्रों की आत्महत्या की चौथी घटना

डेमो - फोटो : demo pic
आलोक के सिर का आधा हिस्सा उड़ गया था। गोली मारकर खुदकुशी करने की सूचना से काउंसिल परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना पाकर पुलिस आई तो आलोक के हाथों लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ।   इंस्पेक्टर ने बताया कि खुदकुशी करने की वजह फिलहाल नहीं पता चल सकी है। बंदूक उसके चाचा रामनरायन की है। छानबीन की जा रही है। छात्रों के लाइसेंसी असलहों से गोली मारकर खुदकुशी करने की दो महीने में यह चौथी घटना है।   तीन दिसंबर 2016 की दोपहर कैथेड्रल स्कूल में कक्षा नौ के छात्र व फैजुल्लागंज मड़ियांव निवासी सिपाही के बेटे ललित ने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

11 जनवरी को हुसैनगंज निवासी आकाशवाणी के निदेशक के बेटे व सीएमएस में कक्षा दस के छात्र शिव्यांश ने पिता की लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली थी जबकि 30 जनवरी को कैसरबाग निवासी कुशाग्र वर्मा ने मामा की लाइसेंसी बंदूक से खुद को उड़ा लिया था।

आलोक की मौत से छह दिन पहले ही उसके साथ पढ़ने वाले कैसरबाग के बीएन रोड निवासी पतंग कारोबारी अमित नाथ वर्मा के बेटे कुशाग्र ने भी खुद को गोली मारकर खुदकुशी की थी।

पुलिस आलोक और कुशाग्र की खुदकुशी की छानबीन कर रही है। कुशाग्र ने 30 जनवरी की शाम गणेशगंज नाका निवासी मामा आलोक सिन्हा की लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर जान दी थी। आलोक ने भी ठीक उसी तरह से खुदकुशी की है।

 
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जमीन पर बंदूक रख ठोड़ी के नीचे मारी गोली

डेमो
पुलिस पता लगा रही है कि कहीं दोनों के खुदकुशी करने के पीछे कोई खास वजह तो नहीं है? इंस्पेक्टर ने बताया कि कुशाग्र को स्कूल से नोटिस मिला था जिसके चलते तनाव में आकर उसने खुदकुशी कर ली थी।   कहीं, आलोक के साथ भी ऐसा ही कोई तनाव तो नहीं था? इस संबंध में सोमवार को बाल विद्या मंदिर में छानबीन कराई जाएगी। इंस्पेक्टर ने बताया कि विनय और रामनारायन एक ही जगह पर सिक्योरिटी गार्ड हैं।
  चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर असलहे जमा कराने के अभियान में दोनों में से एक की लाइसेंसी बंदूक जमा करने के लिए कहा गया था। विनय ने अपनी बंदूक जमा करा दी थी।

इंस्पेक्टर ने बताया कि आलोक ने जमीन पर दोनाली बंदूक रखी और ठोड़ी के नीचे नाल रखकर ट्रिगर दबा दिया। गोली उसके चेहरे को चीरती हुई सिर से निकल गई। फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि आलोक ने बंदूक का ट्रिगर पैर से दबाया या फिर हाथ से गोली चलाई।


 
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