इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की ओर से इंजीनियर्स भवन में आयोजित कार्यशाला।
लखनऊ। आज एआई के दौर में साइबर क्राइम बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा है। इससे निपटना बड़ी चुनौती तो है ही। साथ में हमें अपनी सुरक्षा के लिए ऑनलाइन व्यवस्था में मजबूत पासवर्ड लगाना जरूरी है। इससे बड़ी चुनौती ये भी है कि युवाओं का मोबाइल पर स्क्रीन टाइम लगातार बढ़ता जा रहा है जो एक चिंता का विषय भी है। ये बातें इंजीनियर जेबी सिंह ने कहीं। मौका था शुक्रवार को इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की ओर से इंजीनियर्स भवन में आयोजित डिजिटल वेलबीइंग व साइबर सुरक्षा की चुनौतियों पर आयोजित कार्यशाला का।
उन्होंने डिजिटल उपकरणों के सीमित व जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने के लिए जोर दिया। इस दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) की सहायक शिक्षक डॉ. दिव्या शर्मा ने कहा कि आज मोबाइल में हर कोई स्क्रीन टाइम को बढ़ावा दे रहा है। इससे कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। हर दिन दो से तीन घंटे का समय लोगों का इसी में बर्बाद हो रहा है। उन्होंने समय-समय पर डिजिटल डिटॉक्स अपनाने की जरूरत बताया। अंत में इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया (आईईआई) की प्रो. नीलम श्रीवास्तव ने व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड, सुरक्षित प्लेटफॉर्म जागरूकता पर जोर दिया।