लखनऊ। केजीएमयू प्रशासन ने छह माह के लिए हड़ताल पर रोक लगा दी है। कुलसचिव अर्चना गहरवार ने सोमवार को एस्मा के तहत आदेश जारी किया। इसमें लोक सेवा, राज्य सरकार के अधीन निगमों और स्थानीय प्राधिकरणों की सेवाओं में हड़ताल प्रतिबंधित की गई है। आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके बावजूद कर्मचारी परिषद मंगलवार को हड़ताल करने पर अड़ी है।
कुलसचिव ने कर्मचारी परिषद के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि कार्यभार संभालने के बाद कर्मचारियों से जुड़े 2461 सेवा मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें 485 कर्मचारियों की पदोन्नति, 423 के एसीपी, 495 के जीपीएफ लोन और 908 के वेतन निर्धारण के मामले शामिल हैं। 150 कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ भी दिए गए हैं।
कुलसचिव ने कहा कि कर्मचारी परिषद 2024 में ही भंग हो चुकी है। परिषद की ओर से पत्रावली जारी करने पर भी रोक है। इसके बावजूद पत्र जारी किए जा रहे हैं। मामले की जानकारी अपर मुख्य सचिव अमित घोष को दी जाएगी। महामंत्री की नियुक्ति में गड़बड़ी के आरोपों की जांच भी चल रही है।
उधर, कर्मचारी परिषद के महामंत्री अनिल कुमार ने कहा कि कुलसचिव कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही हैं। भर्ती में गड़बड़ी के आरोप गलत हैं और वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार को कर्मचारी हड़ताल करेंगे।