उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक में कर्मचारी भविष्य निधि के घोटाला प्रकरण में अब सख्ती दिखाई गई है। आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता बीएल मीणा ने ग्राम विकास बैंक के प्रबंध निदेशक को इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता के निर्देश पर बैंक में चल रहे ईपीएफ ट्रस्ट का विशेष ऑडिट कराया गया था। कर्मचारी संयुक्त परिषद केमहामंत्री मो. आसिफ जमाल के मुताबिक इसमें 18.91 करोड़ का घपला सामने आया था। वित्त मंत्रालय के दिशा निर्देश के विरुद्घ म्यूचअल फंड में ब्रोकर्स के माध्यम से भारी निवेश करते हुए कमीशन हड़पा गया था।
ट्रस्ट को आर्थिक क्षति पहुंचाने की शिकायत बैंक के कर्मचारी रामकिशोर गुप्ता द्वारा वर्ष 2019 में की गई थी। इस पर कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता से अनुरोध किया गया था कि सारा मामला साफ हो चुका है, बावजूद इसके अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। इतना ही नहीं, सीए द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट मे 2007 से 2012 के बीच ट्रस्ट के अधिकारियों को भी दोषी ठहराया गया है। अब आयुक्त निबंधक ने ग्राम विकास बैंक के प्रबंध निदेशक को इस पर एक्शन के निर्देश दिए हैं।