एक ओर कोरोना योद्धा लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जाम जोखिम में डाल रहे हैं वहीं इंसानियत के दुश्मन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। प्रदेश के 15 जिलों में अब तक कोरोना योद्धाओं के साथ मारपीट की 35 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें स्वास्थकर्मी, स्वास्थ कर्मी और पुलिस कर्मियों से मारपीट तक की घटनाएं शामिल हैं।
इसे लेकर डीजीपी मुख्यालय ने भी जिलों के अफसरों से कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामा शास्त्री ने जिलों में तैनात पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आम जन तक यह संदेश पहुंचे कि कोरोना संक्रमण से रोकथाम से संबंधित काम में लगे पुलिस कमिर्यों, स्वास्थ्य कर्मियों व अन्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर हमला करना, तोड़फोड़ करना एक जघन्य अपराध है। ऐसी घटनाओं में तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करें। ऐसे लोगों के खिलाफ साक्ष्य एकत्र कर रासुका की धाराओं में कार्रवाई की जाए।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों में मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, रामपुर जैसे जिलों से स्वास्थ्य कर्मियों,सफाई कर्मियों और पुलिस के साथ मारपीट और हमले हुए। लॉकडाउन के बाद से अब तक प्रदेश के 15 जिलों में इस तरह की कुल 35 घटनाएं हो चुकी हैं। सबसे अधिक घटनाएं बरेली में हुई हैं। यहां पुलिस कर्मियों पर 8 बार हमला हो चुका है, स्वास्थ्य कर्मियों पर दो बार और राजस्व कर्मियों पर एक बार हमला हुआ है।
इसके अलावा मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मैनपुरी, हाथरस, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, कानपुर नगर, कन्नौज, वाराणसी, गाजीपुर, कुशीनगर और बलरामपुर जिलों में पुलिस, स्वास्थ्य और सफाई कर्मियों पर हमले हुए हैं। वहीं रामपुर में रविवार को दबंगों द्वारा सफाई कर्मी को सैनिटाइजर पिलाने से हुई मौत के मामले में भी डीजीपी मुख्यालय ने पूरी रिपोर्ट मांगी है और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।