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सेहत की बात: तनाव से बढ़ते हैं क्रोध पैदा करने वाले हार्मोंस, पैरों से शुरू होता है बुढ़ापा; पढ़ें डॉ की सलाह

Mon, 02 Dec 2024 11:29 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

तनाव से क्रोध पैदा करने वाले हार्मोंस बढ़ते हैं। वहीं बुढ़ापा पैरों से शुरू होता है। आगे पढ़ें और जानें हाथ-पैर और गर्दन की मांशपेशियां को कैसे स्वस्थ रख सकते हैं?   
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स्ट्रेस की समस्या - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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राजधानी स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय में रविवार को योग विभाग में आयोजित 'योग व प्राकृतिक चिकित्सा का मांसपेशियों पर प्रभाव' विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें काशी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वितुर्व त्रिपाठी ने कहा कि जब हम लगातार तनाव में रहते हैं तो हमारे शरीर में क्रोध पैदा करने वाले हार्मोंस तेजी से बढ़ने लगते हैं। इससे शरीर की मांसपेशियों का तनाव बढ़ जाता है। इससे मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। 

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उन्होंने इसका समाधान बताते हुए कहा कि वृक्षासन, मर्जरी आसन, हलासन और ध्यान के अभ्यास से तनाव को कम किया जा सकता है। कार्यशाला में आठ सत्रों का आयोजन किया गया। इसमें आसनों का गर्दन की मांसपेशियों पर प्रभाव, मसल्स फिजियोलॉजी, मांसपेशियों के रोग, हृदय की मांसपेशियों की बीमारियों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर शिक्षक डॉ. उमेश शुक्ला, डॉ. सत्येंद्र कुमार मिश्र, डॉ. रामकिशोर ,डॉ. राम नरेश और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

पैरों से शुरू होता है बुढ़ापा : अमित गौरैया

कार्यशाला में अन्नामलाई विश्वविद्यालय से आए योग विशेषज्ञ अमित गौरैया ने बताया कि बुढ़ापा सबसे पहले पैरों से शुरू होता है, पहले मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। उन्होंने इसका समाधान बताते हुए कहा कि एजिंग प्रोसेस की धीमी गति होने से उत्तानपाद आसन, अर्ध हलासन, ताड़ासन और प्राणायाम में अनुलोम-विलोम, भूचरी मुद्रा का अभ्यास करना चाहिए।

इस तरह स्वस्थ रहेंगी गर्दन की मांसपेशियां

महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इंफोटेनमेंट ऑफ टेक्नोलॉजी के क्षिक्षांत भट्ट ने अपने शोध पत्र में बताया कि गर्दन की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए गर्दन विकासक क्रिया, कंधों को घूमाने वाली क्रियाएं व हस्तोत्तानासन हस्त पादासन वउज्जायी प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए। वहीं राजेश कुमार द्विवेदी ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए बताया कि वाष्प स्नान, कटि स्नान व प्रातः काल सूर्य की किरणें शरीर की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं।

हाथ-पैर की मांसपेशियां इस तरह रखें स्वस्थ

योगाचार्य केके शुक्ला ने कहा कि मांसपेशियां शरीर को आकार प्रदान करती हैं। हाथ और पैरों की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए स्कंध चालन क्रिया, कोहनी शक्ति विकासक क्रिया, भुजबल्ली शक्ति विकासक क्रिया और घुटना चालन व भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।

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