लखनऊ। पुरुष भी बांझपन के शिकार होते हैं। इसका कारण तनाव और धूम्रपान है। समय पर जांच व इलाज से इस समस्या से निजात मिल सकती है। ये बातें केजीएमयू के स्त्री व प्रसूति रोग विभाग की डॉ. पुष्पलता शंखवार ने कहीं। वे शनिवार को द इंडियन फर्टिलिटी सोसाइटी यूपी चैप्टर की ओर लोहिया संस्थान में हुई कार्यशाला में बोल रहीं थीं।
लोहिया में गायनी विभाग की डॉ. मालविका मिश्र ने कहा, आधुनिक जीवनशैली से बांझपन की समस्या बढ़ी है। 50 फीसदी महिलाओं में ट्यूब ब्लॉक की समस्या पाई जा रही है। समय पर इलाज न होने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
डॉ. नीतू सिंह ने कहा, देरी से विवाह होने पर गर्भधारण करने में परेशानी आती है। विवाह की सही उम्र 18 से 24 के बीच होती है। कार्यक्रम में डॉ. चन्द्रावती, डॉ. गौरव राज, डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. मंजू शुक्ला समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहीं।