जिला पंचायत अध्यक्ष और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव के जरिये भाजपा ने गांवों में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए गांवों में अपनी जमीन मजबूत की है। पंचायत चुनाव से न सिर्फ चुनावी रीति-नीति में प्रशिक्षित हो चुके कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी की है। बल्कि क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों के रूप में भी एक ऐसी टीम खड़ी की है, जो भविष्य में होने वाले चुनावों में बूथ स्तर तक पार्टी के चुनावी तंत्र को ताकत देगी।
प्रदेश में 75,751 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से करीब 68 हजार सदस्य ब्लॉक प्रमुख चुनाव के जरिए और 3,050 जिला पंचायत सदस्यों में से करीब 2,600 सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के जरिए भाजपा खेमे में शामिल हो गए हैं। 75 में से 67 जिला पंचायत अध्यक्ष और 825 में से 648 क्षेत्र पंचायत भी भाजपा के बने हैं।
वहीं, पंचायत चुनाव के जरिए पार्टी ने इन नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ ही ग्रामीण कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव में बूथ प्रबंधन से लेकर चुनाव प्रबंधन तक का पहला प्रशिक्षण भी दे दिया है। आगामी विधानसभा चुनाव में गांवों में खड़ी हुई यह टीम भाजपा के लिए रीड़ का काम करेगी। इन चुनावों के जरिए पार्टी ने गांवों में नई लीडरशिप भी तैयार की है। महिलाएं अधिक चुनकर आने से महिला वर्ग में पार्टी का आधार बढ़ेगा।
गांवों में रहेगा फोकस
भाजपा गांवों में बही भगवा बयार को बरकरार रखने के लिए विधानसभा चुनाव तक गांवों में फोकस करने की रणनीति बनाई है। इस महीने के तीसरे सप्ताह से किसी न किसी कार्यक्रम व अभियान के जरिए गांवों में दस्तक देगी। पार्टी के बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष न केवल संगठन की गतिविधियों को गांव में सक्रिय करेंगे बल्कि मोदी-योगी सरकार की योजनाओं को भी गांववासियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा करेंगे। पार्टी ने जल्द नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी सौंपने वाली है।