राजधानी की मार्ग प्रकाश व्यवस्था को अहमदाबाद के मॉडल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। गुजरात में स्ट्रीट लाइटें जलाने के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाता है।
लखनऊ में इसको लेकर अहमदाबाद, सूरत, बंगलूरू, पुणे और नागपुर में चल रहे सिस्टम का अध्ययन किया जाएगा। गुजरात में आयोजित कार्यशाला ‘वाइब्रेंट गुजरात 2013’ से लौटने के बाद यह जानकारी महापौर डॉ.दिनेश शर्मा ने दी।
कार्यशाला का आयोजन 17 अक्टूबर को लोक सेल्फ गवर्नमेंट संगठन द्वारा किया गया था। महापौर व पार्षदों ने शहर में निकलकर योजनाओं को देखा।
मेयर ने बताया कि मार्ग प्रकाश व्यवस्था के अलावा कूड़ा प्रबंधन,वर्षा जल संचयन, यातायात प्रबंधन व फेरी नीति में अहमदाबाद,सूरत,बंगलूरू,पुणे तथा नागपुर में अच्छा काम हो रहा है। इस संबंध में वहां केमहापौर व पार्षदों से बात हुई है।
अहमदाबाद में कोई नाला खुला नहीं। सफाई का सिस्टम अच्छा है। वहां पर इंटरलॉकिंग का प्रयोग नहीं किया जाता है। कार्यशाला में शामिल होने केलिए 20 पार्षद गए थे। इनमें भाजपा के अलावा सपा व निर्दलीय पार्षद शामिल थे।
महापौर ने बताया कि लखनऊ नगर निगम द्वारा कराए जा रहे कार्यों और योजनाओं के बारे में भी वहां पर बताया गया। इनमें कान्हा उपवन, कचरा प्रबंधन, ट्रैफिक पार्क, जल निकासी व सीवरेज के कार्य शामिल रहे।
कान्हा उपवन की काफी सरहना हुई। कार्यशाला में देश भर से 150 महापौर व 4000 पार्षद शामिल हुए। इनके अलावा बांग्लादेश, नेपाल, मलेशिया से भी प्रतिनिधि आए थे।