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यूपी में गाड़ियां नहीं जानवर ले रहे हैं सबसे ज्यादा जान

Wed, 22 Jul 2015 12:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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जानवरों की वजह से हुए सड़क हादसों में देश में सबसे ज्यादा जानें लखनऊ में जा रही है। वहीं, राजधानी में सड़क हादसों में हो रही सर्वाधिक मौतों की बड़ी वजह ओवर स्पीड सामने आई है।
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गृह मंत्रालय द्वारा जारी एनसीआरबी की एडीएसआई रिपोर्ट 2014 में इन तथ्यों का उल्लेख राजधानी में सड़क सुरक्षा में एक बड़ी खामी को उजागर कर रहा है।

सड़कें बनाई जाती हैं ताकि नागरिक सुरक्षित ढंग से उन पर चल सकें, या उन पर अपने वाहन चला सकें। इस सुरक्षा के लिए कई नियम-कायदे भी होते हैं, जिन्हें तोड़ने पर वाहन चालकों को जुर्माना देना पड़ता है।

लेकिन जानवरों पर यह सब लागू नहीं होता है। बीते वर्ष राजधानी में 807 सड़क हादसे हुए जो 2013 के 1230 के मुकाबले कहीं कम रहे। हालांकि इनकी वजह से 327 नागरिकों की जान चली गई।
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इनमें 284 पुरुष थे, जिनमें से अधिकतर अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। वहीं, 548 नागरिक निशक्त हो गए, इनमें भी 85 प्रतिशत पुरुष ही थे। इन हादसों की अलग-अलग वजहें रही हैं।

इनमें से जानवरों के सड़क पार करने के दौरान हुए हादसों में लखनऊ ने अपने 18 नागरिक खो दिए। वहीं 41 निशक्त हो गए। लखनऊ के बाद जानवरों की वजह से सड़क हादसे में सर्वाधिक 14 मौतें आगरा में हुईं।
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ऑफिस जाते समय सर्वाधिक हादसे

समय के अनुसार चलें तो राजधानी में सर्वाधिक सड़क हादसे सुबह 9 बजे से 12 बजे के बीच हो रहे हैं। पूरे साल में हुए 807 बड़े सड़क हादसों में 141 हादसे इसी समय के दौरान हुए।

यह वो समय है जब अधिकतर लोग अपने काम पर जा रहे होते हैं और ट्रैफिक अपने चरम पर होता है। इसी तरह दोपहर 12 से 3 और फिर 3 से शाम 6 बजे के बीच क्रमश: 130 व 120 ऐसे हादसे हुए, जिनमें किसी की जान गई या कोई नागरिक निशक्‍त हो गया।

राजधानी में सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह तेजी गति से वाहन चलाना सामने आया है, जिसकी वजह से 384 हादसे हुए और 136 जानें गईं। वहीं लापरवाही से वाहन चलाने से 112 मौतें हुई, शराब पीकर वाहन चला रहे लोगों ने 12 की जान ली। खराब मौसम भी हादसों की वजह बना, जिनमें 23 नागरिकों ने जान गंवाई।
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