संवेदनहीनता के बीच ऐसी कहानियां भी हैं जो तसल्ली देती हैं कि इंसानियत अभी जिंदा है। प्राग नारायण रोड निवासी राकेश चौधरी, अमित चौरसिया, ध्रुप यादव, गोलू, अंकित और बाबू खान की कोशिश इसी की एक बानगी है। प्राग नारायण रोड स्थित नव निर्माण अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड की कुर्सी पर बैठ बैठे मौत हो गई।
राकेश और उनकी टीम ने इसकी सूचना एडीसीपी सेंट्रल चिरंजीव सिन्हा को दी। जानकारी करने पर मृतक के भाई मनोज को बुलवाया गया। संक्रमण के दौर में अर्थी को कंधा देने वाला और कोई नहीं था, तब राकेश और उनकी टीम ने कंधा दिया। एडीसीपी सेंट्रल के निर्देश पर सुल्तानगंज चौकी इंचार्ज धीरेन्द्र प्रताप सिंह और कांस्टेबल संजीव पांडे मौके पर मदद के लिए मौजूद रहे। मृतक का दाह संस्कार उनके भाई मनोज ने किया।