शिक्षा विभाग में चचा के नाम से मशहूर बड़े अधिकारी आजकल अचानक सक्रिय हो गए हैं।
विभागीय कर्मचारियों के बीच यह चर्चा चल रही है कि जो चचा दो-दो कुर्सियां पाकर दो साल तक सक्रिय नहीं हुए, उनका अचानक सक्रिय होना...जरूर कोई खास बात है।
जिस निदेशालय में सन्नाटा पसरा रहता था, वहां आजकल चहलकदमी शुरू हो गई है। कर्मचारी भी कम नहीं हैं। वे चचा की सक्रियता का निहितार्थ निकाल रहे हैं।
कहते हैं कि चचा मार्च 2014 में रिटायर हो रहे हैं। एक मंत्री दो साल के लिए चचा का कार्यकाल बढ़वाना चाहते हैं। शायद यही कारण है कि चचा अचानक सक्रिय हो गए हैं।
चर्चा यह भी है कि चचा राजधानी के मीडिया वालों से भी रिश्ते सुधारना चाहते हैं।
इसीलिए बोर्ड परीक्षा का जो कार्यक्रम इलाहाबाद से जारी होता था, उसे लखनऊ से जारी किया गया। संयुक्त निदेशक और डीआईओएस की जो बैठकें इलाहाबाद में होती थीं, वे लखनऊ में की गईं।