गांवों के विकास से जुड़े सचिव स्तर के साहब कुछ समय से विभाग के कुछ मातहतों को हटवाने में जुटे थे।
बताया जाता है कि मातहत उनके हर काम में रंग में भंग डाल देते थे। गुपचुप प्रयास से उन्होंने झटके में दो अफसरों को हटवा दिया।
इधर फाइलें तेजी से दौड़ीं लेकिन जब तक नतीजे पर पहुंचतीं, वह खुद तड़ीपार हो गए।
दिलचस्प ये है कि सिर्फ हाकिम हटाए ही नहीं गए, दो में से एक चेले ने पुराने वाले विभाग में वापसी भी कर ली है।
जब से आदेश सामने आया है, हाकिम हैरान हैं। सर्दी में पसीना छूट रहा है।
वजह, फाइल बढ़ी लेकिन परवान नहीं चढ़ पाई और हर लाइन पर मीन-मेख लिखने वाला उनके तबादले के बाद पहुंच गया।
अब वह किसी तरह से उसे विभाग से फिर से हटवाने की पैरवी में जुट गए हैं।
मगर देखने वाली बात ये होगी कि वह नए वाले विभाग में कितने दिन रहते हैं। उनका कहना है कि वह एक जगह छमाही से ज्यादा नहीं चाहते।