एक आईपीएस हैं कि उनकी किसी से बनती ही नहीं। अपने आप में अनोखे इन साहब के बारे में उनके सहकर्मी भी कुछ बोलने से हिचकते हैं।
साहब की जहां तैनाती रही, वहां अधिकारी या सहकर्मी से उनका विवाद हुआ। बार-बार विवाद में घिरने की वजह से उनके तबादले भी खूब हुए।
अब हाल यह है कि जिस विभाग में उनको भेजा जाता है वहां का विभागाध्यक्ष इसकी जानकारी मिलते ही परेशान हो जाता है। किसी न किसी बहाने उनकी तैनाती दूसरे विभाग में कराने की सिफारिश में लग जाता है।
साहब का कुछ दिनों पहले ही एक विभाग में तबादला हुआ तो अपने अधिकारियों पर आरोप लगाने लगे। उन्हें फिर एक महत्वहीन विभाग में तैनाती दी गई है।
इस बार उन्हें ऐसे विभाग में भेजा गया है, जहां के विभागाध्यक्ष काम को लेकर खासे सख्त माने जाते हैं। अब देखना यह है कि साहब और बड़े साहब में कितने दिन पटरी खाती है।