सपा के सबसे बड़े ओहदेदारों में से एक नेताजी अपने किसी जानने वाले के बीमार होने पर उसकी मिजाजपुर्सी करने अस्पताल पहुंचे।
उनके अस्पताल पहुंचने की बात को बड़े सलीके से मीडिया के सामने लीक कर दिया गया ताकि यह संदेश जा सके कि नेताजी कितने संवेदनशील हैं और उनमें कितनी मानवीयता है।
अब सरकारी तंत्र का क्या किया जाए, जिसकी वजह से नेताजी का मंसूबा पूरा नहीं हो सका।
हुआ यह कि जब नेता जी के साथ मीडिया के लोग अस्पताल पहुंचे तो वहां एक नामी बदमाश व उसके गुर्गों की मौजूदगी होने की जानकारी सामने आ गई।
ऐसे में शोर होने लगा कि नेताजी बहाने से अस्पताल आए हैं और चुनावी माहौल में इस माफिया को इस्तेमाल करना चाहते हैं, लिहाजा ऐसी जगह मिलने आए हैं।
नेताजी को पता लगा कि अर्थ का अनर्थ हो रहा है तो वह कुछ ही मिनटों में वहां से खिसक गए।