नेताओं का भी कोई जवाब नहीं। हर वाकया सियासी चश्मे से देखने की आदत छूटती ही नहीं है।
अमेरिका में तैनात राजनयिक का ही मामला देखिए।
संसद में बहस के दौरान नेताजी ने अपने मुस्लिम चेहरे के साथ हुई बदसुलूकी का हवाला देते हुए अमेरिका को जवाब देने की बात कही।
9/11 याद दिलाकर बोले कि वह तो थर्र-थर्र कांपता है, भारत सरकार कार्रवाई तो करे। बहनजी कहां पीछे रहने वाली थीं, उन्हें अपना वोट बैंक याद रहा।
राजनयिक को दलित बताते हुए अमेरिका को कोसा, यहां से वहां तक दलितों के साथ एक जैसा व्यवहार होता है।