छपास का शौक कुछ पुलिस अधिकारियों के सिर चढ़कर बोल रहा है। ऐसा ही एक वाकया पिछले दिनों सामने आया।
हाल ही में एक जांच एजेंसी ने वन विभाग के साथ मिलकर वन्य जीवों का अवैध शिकार करने वाले कुछ लोगों को पकड़ कर स्थानीय थाने में बंद करा दिया।
एजेंसी के अधिकारी जब तक अपनी कामयाबी के बारे में मीडिया को बताते, स्थानीय पुलिस अफसरों ने मौका भुना लिया।
छपास के शौकीन एक आला अफसर ने अखबार वालों को बुला-बुला कर इसकी जानकारी देनी शुरू कर दी।
नतीजा यह हुआ कि ज्यादातर अखबारों में जो खबर छपी, उसमें जांच एजेंसी को श्रेय मिलने के बजाय स्थानीय पुलिस के सिर सेहरा बांध दिया गया।
इसे लेकर जांच एजेंसी के अफसरों का मुंह खासा फूला। उन्होंने एक दिन बाद अपनी बात मीडिया तक पहुंचाई पर तब तक मामला बासी हो गया था।