शिक्षा विभाग में चचा के नाम से मशहूर अधिकारी के क्या कहने। चचा कब आते हैं, कहां जाते हैं और क्या करते हैं किसी को कुछ नहीं मालूम।
चचा के कुछ किस्से आजकल बहुत चर्चा में हैं। चर्चा उनके महिला मित्रों को लेकर है। इनके लिए वह कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। एक मित्र की छोटी सी चर्चा।
राजकीय इंटर कॉलेज की इस महिला मित्र को पहले प्रभारी प्रधानाचार्य बनवाया। मन नहीं भरा तो उसे डीआईओएस का अतिरिक्त चार्ज भी दिला दिया। जबकि नियमत: यह हो नहीं सकता था, पर चचा का जलवा है।
वह जो चाहते हैं वही होता है। बताते हैं, चचा ने राज्य और राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार में भी खूब खेल किया। जिसे चाहा दिला दिया। इसमें उनकी कुछ महिला मित्र भी शामिल हैं।