आतंकियों ने दी थी धमकी, बेटे कश्मीर आएंगे तो गोली मार देंगे
लखनऊ। कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने से महानगर का रैना (पंडित) परिवार बहुत खुश है। इस परिवार के मुखिया दिवंगत माखल लाल रैना को वर्ष 1960 में कश्मीर छोड़ना पड़ा था। लेकिन माखन लाल की बहन व भांजे आज भी आतंकी इलाके पुलवामा मेें रहते हैं। माखन लाल के बेटे बिल्लू रैना जो कि भूतनाथ मार्केट के बड़े कारोबारी व प्रेस्टीज कूकर के शोरूम मालिक हैं, ने बताया कि उनके पिता का इस वर्ष मार्च में निधन हो गया। चाचा नंदलाल पंडित रेलवे से रिटायर हैं। बिल्लू कहते हैं कि आठ सदस्यीय परिवार में बड़े भाई राकेश रैना, पत्नी व दो बच्चे लखनऊ में रहते हैं। मेरी ससुराल अनंतनाग जिले में है। पत्नी व दो बच्चाें ने अब तक पैतृक आवास को नहीं देखा है। जमीन व घर की देखरेख बुआ का बेटा कमलेश कर रहा है। कमलेश वहां भौतिक विज्ञान का प्रवक्ता है। पिता उनसे मिलने जाते रहे, लेकिन वर्ष 2012 में आतंकवादियों ने धमकी दी थी कि बेटे गांव आएंगे तो जान से मार देंगे।
पैतृक गांव देखने जाएंगे
बिल्लू रैना ने प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाकर उपकार किया है। अब तो उनकी पत्नी, बेटे, भाई, भतीजे पैतृक गांव देखने जाएंगे। उनके लिए कश्मीर का हमारा पैतृक गांव केवल एक कहानी ही था। चुका था। चचेरे भाई कमलेश से मोबाइल पर बातचीत की और खुशी का इजहार किया।