वाराणसी के एक छात्र ने दिल्ली की एक नामी दुकान से नया मोबाइल फोन खरीदा। इस दुकानदार ने छात्र को 20 प्रतिशत सस्ता मोबाइल फोन के साथ उसका बिल तक दे दिया।
छात्र ने जब मोबाइल फोन शुरू किया तो जीआरपी का फोन आ गया। पता चला कि वह किसी यात्री से लखनऊ में चोरी किया गया था। इसी के साथ मोबाइल खरीदने वाले की मुसीबत बढ़ गई।
दिल्ली की कई बड़ी दुकानों पर पक्के बिल के साथ लखनऊ से चोरी हुए मोबाइल फोन बेचे जा रहे हैं। इसका खुलासा जीआरपी के शुरूआती विशेष जांच अभियान में हुआ है।
अब जीआरपी इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय और सब इंस्पेक्टर प्रेमलता दीक्षित सर्विलांस के जरिए मोबाइल फोन का पता लगाने में जुटे हैं।
अब तक जितने भी मामलों की जांच हुई है, उनमें 80 प्रतिशत मोबाइल फोन दिल्ली के दुकानदारों को बेचे गए हैं। दुकानदार मोबाइल फोन के पीछे लगी इंटरनेशनल मोबाइल स्टेशन इक्विपमेंट आईडेंटिटी (आईएमईआई) की स्लिप को निकाल देते हैं।