मुजफ्फरनगर दंगे पर स्टिंग ऑपरेशन से खुली पोल के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं को कुछ समझ नहीं आ रहा है।
हर कोई अपने हिसाब से बयान दे रहा है। न कोई पार्टी लाइन नजर आ रही है, न ही सरकार की।
बीते दो दिनों के भीतर सपा की ओर से अखिलेश यादव सहित तमाम बड़े नेताओं ने स्टिंग के डंक का जवाब देने की कोशिश की है।
सबसे पहले सफाई देने उतरे आजम ने स्टिंग को फर्जी बताते हुए कहा कि अगर उन पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो वे सजा काटने को तैयार हैं।
उसके बाद, अखिलेश यादव ने एक कदम आगे जाते हुए कह डाला कि सीडी में जो वीडियो है, उसे कट-पेस्ट किया गया है। अखिलेश को इस वीडियों में अपने मंत्रियों और नेताओं की कारगुजारियों की जगह विपक्षी दलों की साजिश नजर आई।
गुरुवार को सपा के राष्ट्रीय महासचिव ने दोनों बयानों को गलत साबित कर दिया और शायद उन्हें इस बात का अंदाजा भी न लगा हो। रामगोपाल यादव ने बयान दिया है कि स्टिंग में खुद को बचाने के लिए पुलिस वालों ने झूठ बोला है।
इसका साफ मतलब हुआ कि रामगोपाल स्टिंग को सही मान रहे हैं। हां, उन्होंने भी अपने नेताओं को बचाते हुए पुलिस के अफसरों पर ही उंगली उठा दी है।