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यूपी में जातीय दंगा फैलाने की कोशिशों की जांच करेगी एसटीएफ, पीएफआई की भूमिका भी खंगालेगी टीम

Wed, 21 Oct 2020 09:11 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी। - फोटो : amar ujala
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वेबसाइट के जरिये उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिशों का पर्दाफाश करने के लिए यूपी एसटीएफ को लगाया गया है। जातीय दंगा भड़काने की पीएफआई की कोशिशों की भी जांच की जाएगी। जांच एजेंसी फिलहाल इन मामलों में दर्ज एफआईआर का अध्ययन कर रही है।

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डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बताया कि हाथरस कांड के बाद प्रदेश का माहौल खराब करने वालों की पहचान के लिए यूपी एसटीएफ को लगाया गया है। एसटीएफ उन तमाम मामलों की जांच करेगी जिनमें लोगों को भड़काने के साथ-साथ सोशल मीडिया के जरिये जाति विशेष के प्रति घृणा पैदा करने की कोशिश की गई।

मथुरा से गिरफ्तार किए गए पीएफआई से जुड़े लोगों की भी जांच होगी। इस मामले में प्रदेश के कई जिलों में डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। एसटीएफ आरोपियों से पूछताछ करेगी कि आखिर किसके कहने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने वाले पोस्ट डाले।

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वेबसाइट पर जातीय दंगे भड़काने के लिए बनाए गए थे कई पेज

बीते माह हाथरस में एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद मौत के मामले में पूरे देश में जमकर राजनीति हुई थी। कई दलों व संगठनों ने हाथरस कूच किया था। इसी दौरान मथुरा से चार लोगों को गिरफ्तार कर दावा किया गया था कि ये पीएफआई से जुड़े हुए हैं और हाथरस में माहौल खराब करने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान एक वेबसाइट का पता चला जिसे जस्टिस फार हाथरस के नाम से बनाया गया था।

इस पर जातीय दंगे भड़काने के लिए कई पेज बनाए गए थे। साथ ही दंगों के दौरान पुलिस की कार्रवाई से किस तरह बचाव किया जाए, इसके बारे में जानकारी दी गई थी। हालांकि, पुलिस को जानकारी होते ही वेबसाइट बंद कर दी गई। 
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