बीते माह हाथरस में एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद मौत के मामले में पूरे देश में जमकर राजनीति हुई थी। कई दलों व संगठनों ने हाथरस कूच किया था। इसी दौरान मथुरा से चार लोगों को गिरफ्तार कर दावा किया गया था कि ये पीएफआई से जुड़े हुए हैं और हाथरस में माहौल खराब करने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान एक वेबसाइट का पता चला जिसे जस्टिस फार हाथरस के नाम से बनाया गया था।
इस पर जातीय दंगे भड़काने के लिए कई पेज बनाए गए थे। साथ ही दंगों के दौरान पुलिस की कार्रवाई से किस तरह बचाव किया जाए, इसके बारे में जानकारी दी गई थी। हालांकि, पुलिस को जानकारी होते ही वेबसाइट बंद कर दी गई।