लखनऊ। केजीएमयू में नर्सिंग ऑफिसर भर्ती मामले की जांच तेज हो गई है। बुधवार को एसटीएफ की टीम कुलसचिव कार्यालय पहुंची और भर्ती से जुड़े गोपनीय दस्तावेज साथ ले गई। एसटीएफ और शासन स्तर पर एक साथ जांच होने से संस्थान में हलचल है। भर्ती में राजस्थान के अभ्यर्थियों की भागीदारी और चयन को लेकर सवाल उठने के बाद विभिन्न स्तरों पर पड़ताल की जा रही है।
केजीएमयू में नर्सिंग ऑफिसर के 1276 पदों पर भर्ती के लिए वर्ष 2023 में विज्ञापन जारी किया गया था। इसके लिए देशभर से करीब 63,692 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परिणाम घोषित होने के बाद 1,172 नर्सिंग ऑफिसर ने नौकरी जॉइन की थी। करीब तीन साल बाद भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत सामने आने पर एसटीएफ और शासन ने जांच शुरू की है।
जांच में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और चयन के आंकड़ों की पड़ताल की जा रही है। राज्यवार आंकड़ों के जरिये यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विभिन्न राज्यों से कितने अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और कितने चयनित हुए।
बुधवार को एसटीएफ की टीम एक घंटे से अधिक समय तक कुलसचिव कार्यालय में रही। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि टीम को मांगे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्होंने भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों को बेबुनियाद बताया।