वाहनों में ओवरलोडिंग से होने वाली वसूली का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। ओवरलोडिंग वाहनों से होने वाली वसूली की जांच एसटीएफ की टीम कर रही है। इस बीच वाहनों की चेकिंग से जुड़े कई अफसर अचानक अवकाश पर चले गए हैं। ऐसे अफसर भी एसटीएफ के रडार पर हैं। उनके बारे में परिवहन विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है।
प्रदेश में ओवरलोडिंग वाहनों से वसूली का सिंडिकेट काम कर रहा है। एसटीएफ ने ऐसे ही सिंडिकेट के खिलाफ जांच शुरू की है। मड़ियांव थाने में एक एफआईआर भी दर्ज कराई गई है, जिसमें ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ में तैनात एआरटीओ, प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल के साथ कई अन्य लोग शामिल हैं। एसटीएफ मामले की जांच को लेकर कई बार ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ भी गई है। जहां दस्तावेजों को खंगाला गया है। इस जांच के बीच परिवहन विभाग के कई अफसर अचानक चिकित्सकीय अवकाश पर चले गए हैं, जिनका कार्यभार उनके समकक्ष अधिकारियों को सौंपा गया है। इस बाबत परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने निर्देश भी जारी किए हैं। ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ में तैनात एआरटीओ, प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल, उन्नाव के एआरटीओ, प्रवर्तन संजीव कुमार सिंह एवं प्रतिभा गौतम, रायबरेली के एआरटीओ, प्रवर्तन अम्बुज, बाराबंकी की एआरटीओ, प्रशासन अंकिता शुक्ल एवं फतेहपुर की एआरटीओ, प्रशासन पुष्पांजलि मित्रा गौतम छुट्टी पर गईं, जिनका कार्यभार समकक्षों को सौंपा गया है।
अफसरों के नंबर बंद
एसटीएफ की टीम जांच कर रही है। इस बीच परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम से जुड़े कई अफसरों के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हैं। इससे जांच में दिक्कतें पेश आ रही हैं। अफसर कहां हैं, आला अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं है।
मामला दबाने में जुटे अफसर!
सूत्र बताते हैं कि एसटीएफ की जांच में कई बड़े अफसर भी फंस सकते हैं। ओवरलोडिंग वाहनों से वसूली का सिंडिकेट गहरे तक फैला हुआ है। ऐसे में आला अफसर इसे दबाने में जुटे हैं। यही वजह है कि कई दिनों की जांच के बावजूद वसूली के सिंडिकेट की परतें जिस तेजी से खुलनी चाहिए थी, नहीं खुलीं।