कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले में एसटीएफ को आठ और डिस्ट्रीब्यूटरों का कनेक्शन गिरोह से सामने आया है। ये डिस्ट्रीब्यूटर भी कफ सिरप की तस्करी कर रहे थे। सिरप की खेप नेपाल के जरिये बांग्लादेश व खाड़ी देशों को सप्लाई करते थे। इसलिए एसटीएफ ने इन सभी को आरोपी बनाया है। इनकी तलाश जारी है। जल्द एसटीएफ इनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू के लिए कोर्ट में अर्जी भी देगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन व एसटीएफ ने मिलकर कफ सिरप की तस्करी के खेल का भंडाफोड़ किया था। प्रदेश भर में एफआईआर दर्ज की गई थीं। यूपी एसटीएफ ने भी एक केस दर्ज किया था। इसमें मुख्य आरोपी वाराणसी का शुभम जायसवाल है। पहले 24 आरोपियों के नाम सामने आए थे। अब उसमें 8 और नाम जोड़े गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक ये सभी डिस्ट्रीब्यूटर हैं, जो शुभम व विभोर राणा से जुड़े हुए थे। करोड़ों रुपये की सिरप की तस्करी इन सभी ने की। इनमें से कुछ पश्चिम यूपी व कुछ पूरब के जिलों के हैं। भनक लगते ही ये सभी अंडरग्राउंड हो गए हैं। उनकी तलाश में एसटीएफ लगी है।
दस के खिलाफ लग चुकी है चार्जशीट
जीआर ट्रेडिंग के मालिक विभोर राणा, मारुति मेडिकोज के सचिन कुमार, एबी फार्मास्युटिकल के अभिषेक शर्मा और साथी विशाल सिंह, बिट्टू कुमार व शुभम शर्मा समेत दस आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अन्य जेल में बंद आरोपियों के खिलाफ भी जल्द चार्जशीट दाखिल होगी। एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक, केस में अभी और आरोपियों के नाम बढ़ेंगे। आरोपी चिह्नित किए जा चुके हैं। सुबूत जुटाए जा रहे हैं।
भारत लाने की जद्दोजहद जारी
कफ सिरप कांड में एक लाख के इनामी शुभम जायसवाल और उसके साथी वरुण सिंह व गौरव जायसवाल को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने जून माह में भगोड़ा घोषित कर चुकी है। ये तीनों दुबई में रह रहे हैं। सभी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है। एसटीएफ विदेश मंत्रालय की मदद से आरोपियों को भारत लाने का प्रयास कर रही है।