राजधानी लखनऊ में होम्योपैथिक डॉक्टर सुरेंद्र कुमार को अगवा कर सात लाख रुपये वसूलने वाले चार अपहरणकर्ताओं को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। कर्ज से परेशान होकर आरोपियों ने रुपये की आवश्यकता पूरी करने के लिए डॉ.सुरेंद्र को अपहरण किया था। घटना में शामिल एक आरोपी डॉ.सुरेंद्र का पूर्व किराएदार है।
इस घटना का मास्टरमाइंड राम बाबू वर्मा है। पूछताछ में उसने बताया कि इंटर पास करने के बाद वर्ष 2021 में साकेत कालेज अयोध्या से डी-फार्मा कोर्स किया है। उसी समय डी-फार्मा करने वाले आरोपी राजन कुमार से दोस्ती हो गई थी। राजन मटियारी में दोस्त अमित कुमार व राज कुमार यादव के साथ गुरुकुल हॉस्टल में किराये का कमरा लेकर रह रहा था।
राम बाबू वर्मा की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। उसने राजन कुमार को बताया था कि काफी कर्ज हो गया और कुछ काम बताओ। राजन ने राम बाबू को डॉ.सुरेंद्र के बारे में पूरी जानकारी दी। बताया कि वह पहले उनके मकान में किराए पर रहता था। राजन ने प्लान बनाया था कि अगर डॉ.सुरेंद्र का अपहरण कर लिया जाए तो वह 40 से 50 लाख रुपये फिरौती दे सकते हैं।
राजन से मिली जानकारी के बाद राम बाबू ने डॉक्टर के अपहरण की पूरा प्लान तैयार किया। प्लान के तहत अमित कुमार वर्मा, राज कुमार यादव व राजन आठ दिसंबर को बच्चों के दाखिले के लिए डॉ.सुरेंद्र से मिले। बच्चों के पेपर देने के बहाने से बीबीडी स्थित अयोध्या हाईवे बुलाया।