एसटीएफ ने राजधानीवासियों की नींद हराम करने वाले हाईप्रोफाइल चोरों के गिरोह का भंडाफोड़ कर सरगना सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए चोर कारों से चलते हैं और ब्रांडेड कपड़े-जूते पहनकर वारदातें करते थे।
चोरी और लूट की रकम से बदमाश रोज शाम को राजधानी के हाईक्लास क्लब, हुक्का बार व लाउंज में पार्टियां करते थे। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि चोरों का गैंग बंद पड़े आलीशान मकानों व कोठियों को निशाना बनाता था।
सोमवार रात शहीद पथ पर कमता तिराहे के पास से एसटीएफ की टीम ने गैंग के सरगना समीर समेत सात बदमाशों को दबोच लिया, जबकि छह फरार हैं। समीर ने दो साल में 80 वारदातें और 20 करोड़ रुपये से अधिक का माल उड़ाने की बात कुबूली है।
गैंग ने राजधानी के पॉश इलाके विभूतिखंड, गोमतीनगर, इंदिरानगर, गाजीपुर, कृष्णानगर व पीजीआई में इस गिरोह ने कई बड़े लोगों को निशाना बनाया। गिरोह के सदस्य दिन में मकान की रेकी करते थे। जिस मकान में ताला लगा दिखता था, गिरोह उसे चिह्नित करके डायरी में पता लिख लेता था।
चोरी के सोना-चांदी दुकान में ही गलाकर बेच देते थे
शाम को एक बार फिर चिह्नित मकान की निगरानी करते बदमाश यह सुनिश्चित करते थे कि मकान मालिक लौट आया कि नहीं। इसके बाद रात करीब दो बजे गिरोह उक्त मकानों पर धावा बोला जाता था।
कई वारदातों में आई टेन कार का इस्तेमाल होने और पीजीआई में चोरों की नीले रंग की आई टेन कार बरामद होने के बाद एएसपी एस. आनंद और डिप्टी एसपी प्रमेश कुमार शुक्ल को गिरोह की पड़ताल में लगाया गया था। पकड़े गए बदमाशों में तीन सोने-चांदी की दुकान करते थे। चोरी के सोने-चांदी के जेवर व बर्तन अपनी दुकान में ही गलाकर बेच देते थे।
फेसबुक पर डालते थे फोटो
एसएसपी ने बताया कि राजधानी का ऐसा कोई क्लब, बार या लाउंज नहीं था जहां चोरों ने अय्याशी न की हो। शातिर चोर हुक्का बार और क्लबों में मौज-मस्ती की फोटो फेसबुक पर भी अपलोड करते थे। एसटीएफ को अजमान की फेसबुक प्रोफाइल से गैंग के फरार सदस्यों के मौज-मस्ती करते हुए फोटो मिले हैं। एसएसपी ने बताया कि गैंग के फरार सदस्य समीर, विवेक और आशू के फोटो भी फेसबुक पर पड़े हैं।
इन जगहों पर की लाखों की चोरी
-03 नवंबर की रात गोमतीनगर के विरामखंड में तकनीकी सेवा से रिटायर्ड डीजी जीएन सिन्हा के मकान का ताला तोड़कर 25 लाख के जेवर चोरी।
-27 नवंबर को पीजीआई के साउथ सिटी निवासी रिटायर्ड डीआईजी दद्न शर्मा के मकान से सोने-चांदी के जेवर उड़ाए। शोर मचा तो नीले रंग की आई टेन कार छोड़कर भागे।
-06 अक्तूबर को गोमतीनगर के विश्वासखंड में खाली मकान में कूदे। पड़ोसी पंकज मेहरोत्रा ने खदेड़ा तो फन मॉल के पास कार रोककर जानलेवा हमला करके भाग निकले।
-31 दिसंबर को आईनॉक्स मॉल स्थित जीरो डिग्री बार में रियाज और अमीन से मारपीट व फायरिंग। जानलेवा हमले की धारा में एफआईआर दर्ज।
कार रोकने की कोशिश कर रहे सिपाही को टक्कर मार भागे
-10 जनवरी को गैंग का सरगना समीर वीमेन पॉवर लाइन 1090 चौराहा पर चेकिंग के लिए कार रोकने की कोशिश कर रहे ट्रैफिक सिपाही बलराम सिंह को टक्कर मारकर भागा।
-अगस्त में विश्वासखंड निवासी रिटायर्ड सीएमओ देवीशंकर शुक्ला के मकान में चोरी के इरादे से घुसे और पकड़े जाने पर खुद को इनकम टैक्स विभाग का अफसर बता 35000 रुपये लूटे।
-अगस्त में ही विश्वासखंड निवासी रिटायर्ड एजीए शिवेंद्र सिंह के मकान का ताला तोड़कर जेवर-नकदी सहित कीमती सामान चोरी किया।
-अक्तूबर में विराटखंड निवासी डॉ. सुनील सिंह के मकान का ताला तोड़कर स्कूटर के अलावा जेवर-नकदी समेटे।
-जनवरी में विभवखंड निवासी डॉ. गुलाम अब्बास जैदी के मकान का ताला तोड़कर लाखों के जेवर-नकदी उड़ाए।
ये चढ़े एसटीएफ के हत्थे
बस्ती के गांधीनगर व राजधानी में चिनहट के गोविंदपुरी कॉलोनी में रहने वाला समीर उर्फ सनी उर्फ विक्की, सीतापुर के मुंशीगंज व यहां इंदिरानगर सी ब्लॉक में रह रहा आशीष कश्यप, सिद्धार्थनगर खेसरहा के कलनाखोर व यहां आलमबाग की कांशीराम कॉलोनी निवासी अरविंद उर्फ अमरजीत उर्फ लल्ला बाबू उर्फ नट उर्फ देहाती, बस्ती कोतवाली के बभनगंवा और यहां गुडंबा थाने के पीछे रह रहा अजमान उर्फ बाबा उर्फ सनी, सीतापुर के बिसवा झज्झड़ व यहां मड़ियांव के फैजुल्लागंज श्याम विहार कॉलोनी निवासी शिवम, सीतापुर के महमूदाबाद और यहां फैजुल्लागंज के नंदा फार्म के पास रहने वाला रजनीश उर्फ राजू तथा पश्चिम बंगाल के मिदनापुर से आकर यहां चौक के बड़ी काली जी मंदिर दर्जी की बगिया में रहने वाला रफीक खान उर्फ बंगाली।
शराब और शबाब के शौक ने बनाया चोर
एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश शराब और लड़कियों के शौकीन हैं। समीर ने फैजाबाद से बीकॉम किया है। उसके पिता बस्ती जेल की कैंटीन में फूड सप्लायर हैं। वह वोडाफोन कंपनी में बतौर एजेंट नौकरी करता था, लेकिन लड़कियों के चक्कर में सेक्स रैकेट शुरू कर दिया।
अजमान उर्फ बाबा उर्फ सनी के पिता गोंडा पॉलीटेक्निक में सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष पद से रिटायर्ड हैं। उसने कर्नाटक के किसी कॉलेज से एमसीए किया है। कुछ दिन रिलांयस के जियो में काम करने के बाद वह भी चोरों के गिरोह से जुड़ गया। आशीष के पिता पॉलीटेक्निक चौराहा पर स्क्रैप का काम करते हैं। उसने कानपुर से बीए किया है।
कुछ दिन तक उसने अंतरराष्ट्रीय सिगरेट ब्रांड मार्लबोरो कंपनी में नौकरी की है। अरविंद उर्फ अमरजीत इंडियन पीपुल गैस सर्विस कंपनी में हॉकर था। रजनीश की बालागंज में मां विंध्यवासिनी ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। रफीक भी चौक सर्राफा में एक ज्वैलरी शॉप में काम करता था। शिवम भी चांदी की खरीद-फरोख्त करता है।
सेक्स रैकेट चलाते थे आरोपी
एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश ऑनलाइन सेक्स रैकेट भी चलाते थे। गैंग का सरगना समीर पहले लखनऊ में ही छोटा-मोटा सेक्स रैकेट चलाता था। चोरी और लूट की रकम से इस धंधे को ऑनलाइन शुरू किया और बाहर से लड़कियां बुलानी शुरू कीं।
लाखों का सामान और असलहे बरामद
बदमाशों के पास से 21,9,470 रुपये नकद, 150 ग्राम सोने की सिल्ली, 15 किलो चांदी, पांच किलो चांदी के बर्तन, तीन लैपटॉप, एक कैमरा, एक एलईडी टीवी, नौ शॉपर कार्ड, तीन आधार कार्ड, एक वोटर आईडी, दो आई टेन कार, एक स्कूटी, 13 मोबाइल फोन, पांच चाबियों के गुच्छे, ताला तोड़ने व ग्रिल उखाड़ने के औजार तथा .32 बोर की दो पिस्टल व 22 कारतूस मिले हैं।
चोरी की रकम से खरीदे दो फ्लैट
अरविंद उर्फ अमरजीत ने चोरी की रकम से राजाजीपुरम में दो फ्लैट खरीदे थे। एसएसपी ने बताया कि अन्य लोगों ने भी चोरी की रकम से चल-अचल संपत्तियां खरीदी हैं। किसके पास चोरी की रकम से खरीदी गई कितनी संपत्ति है? इसके बारे में पता लगाया जा रहा है।