जालसाजी का मामलों की तह तक पहुंचने की कोशिश में एसटीएफ की गिरफ्त में सबसे पहले भारतीय स्टेट बैंक का एक कर्मचारी आया। एसटीएफ के इंसपेक्टर राजेश चंद्र त्रिपाठी और सब इंसपेक्टर ज्ञानेंद्र कुमार राय हमीरपुर जिले में भारतीय स्टेट बैंक की बसेला शाखा में सहायक के पद पर तैनात अजय सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उगल दिया राज
एसटीएफ के चंगुल में आए इस बैंक कर्मी ने पहले तो जांच अधिकारियों को भ्रमित करने की कोशिश की पर बाद में उसने सारे राज उगल दिए। अजय ने स्वीकार किया कि उसके गिरोह का सरगना आदित्य शुक्ला है जो कानपुर नगर में साकेतनगर स्थित मां सरस्वती अपार्टमेंट के आवास नंबर 103 में रहता है। उसने बताया कि आदित्य के कहने पर उसे विभिन्न खाता धारकों के खातों में जमा रकम और अंतिम भुगतान चेक की सिरीज संख्या की जानकारी दे दी जाती थी। उसके बाद वह उन खाताधारकों के फर्जी चेक (क्लोन) तैयार कर उन खातों से रकम निकलवा लेता था।
एसएसपी ने बताया कि अरोपी अजय से पूछताछ में सामने आई जानकारी पर एसटीएफ के इंसपेक्टर विमल गौतम और बिजेंद्र शर्मा को आदित्य शुक्ला की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दी गई थी। इनकी टीम ने कानपुर के फजलगंज इलाके में कबाड़ी मार्केट चौराहा के पास से आदित्य व उसके एक साथी जगदीप मिश्रा को दबोच लिया गया।