इतिहास की किताबों से निकलकर धरोहरों को करीब से समझेंगे अभ्यर्थी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय ने पुरातत्व अभिरुचि पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह पाठ्यक्रम अभ्यर्थियों को इतिहास को किताबों से निकलकर धरोहरों को करीब से समझने का अवसर देगा। इच्छुक अभ्यर्थी पुरातत्व निदेशालय की वेबसाइट upculture.up.in के माध्यम से 10 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं।
पाठ्यक्रम में खोदाई के मानक, मिले अवशेषों का ऐतिहासिक महत्व और प्राचीन इतिहास से जुड़े विषयों की जानकारी दी जाएगी। राज्य पुरातत्व निदेशालय की निदेशक रेनू द्विवेदी ने बताया कि प्रवेश निशुल्क है और लगभग 150 सीटें उपलब्ध हैं। पाठ्यक्रम में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही किसी भी व्यवसाय से जुड़े हों या कोर्स में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थी इसमें भाग ले सकते हैं। कक्षाएं 20 अगस्त से 4 सितंबर तक हर दिन कम से कम दो घंटे चलेंगी। ये कक्षाएं कैसरबाग स्थित छतर मंजिल के पुरातत्व निदेशालय परिसर में आयोजित होंगी।
पाठ्यक्रम के मुख्य विषय
अभ्यर्थियों को आइकनोग्राफी, प्रागैतिहासिक भारत और मुद्राओं के इतिहास की जानकारी मिलेगी। प्राचीन ईंटों की संरचना और उनके क्रमिक विकास को भी समझाया जाएगा। स्मारकों के संरक्षण, पुरालिपि, अभिलेख और भारतीय चित्रकला जैसे विषय भी शामिल हैं। पाठ्यक्रम में ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण भी कराया जाएगा। रहने और खाने की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी।