ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) आयोजन स्थल पर जो डस्टबिन लगाए जाएंगे, वह भी राजधानी दिल्ली से लाए जा रहे हैं, क्योंकि ये शहर में मिल नहीं रहे हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी सुनील रावत का कहना है कि जेम पोर्टल के जरिये तीन बार टेंडर करने पर एक कंपनी आई और वह भी समय से आपूर्ति नहीं कर सकी। ऐसे में नगर निगम के एक कर्मचारी को डस्टबिन लाने दिल्ली भेजा गया है। आयोजन स्थल व आसपास 400 डस्टबिन लगने हैं।
स्टील वाले डस्टबिन छह से आठ हजार रुपये के बताए जा रहे हैं। ये डस्टबिन स्टैंड लगाकर टांगे जाएंगे। एक स्टैंड पर दो स्टील केडिब्बे रहेंगे। एक गीला और दूसरा सूखा कचरा डालने के लिए रहेगा। शहर में नगर निगम की ओर से ऐसे डस्टबिन अभी तक नहीं लगाए गए थे। इससे पहले स्वच्छ सर्वेक्षण केदौरान शहर में जो स्टैंड वाले डस्टबिन लगाए गए थे उनमें प्लास्टिक के डब्बे लगे थे।
आयोजन स्थल व उसके आसपास सफाई कार्य को लेकर नगर निगम की ओर से एक हजार कर्मचारी लगाए गए हैं। दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि जिन कार्यदायी संस्थाओं को एक हजार कर्मचारी लगाने का काम मिला है, उनके पास पहले से ही कर्मचारी कम हैं। वार्डों में वह जितने का पैसा ले रही हैं, उतने कर्मचारी नहीं लगा रही हैं। अब जीआईएस में कर्मचारी लगाने का जो काम उनको मिला है, उसके बाद उन्होंने वार्डों में लगे कर्मचारियों की संख्या में और ज्यादा घपला शुरू कर दिया है। वहां से कर्मचारी हटाकर इधर काम करा रहीं हैं, लेकिन पैसा दोनों जगह पूरा लेंगी। इसके बाद भी कुछ कम पड़ रहे हैं तो लेबर अड्डे के मजदूर लगाकर कार्यदायी संस्थाएं काम चला रही हैं।
बरेली और पूना से लाए गए 1.70 लाख विदेशी पौधे
लखनऊ। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन स्थल से लेकर शहर के प्रमुख स्थानों तक करीब 2.30 लाख पौधे नगर निगम ने लगवाए हैं, जिनमें 1.70 लाख विदेशी पौधे हैं जो बरेली और पूना से मंगवाए गए हैं। नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इन पौधों को नुकसान न पहुंचाएं और न ही पान मसाला थूककर शहर को गंदा करें।
नगर निगम के उद्यान अधीक्षक गंगाराम गौतम ने बताया कि विशेष तौर पर पेटुनिया, सिजेन्थस, नैप्थीसियम गेंदा और पेनजी पौधे मंगाए गए हैं। सड़क किनारे क्यारियां तैयार की गई हैं। डिवाइडरों पर कोको की टोकरी और उनके अंदर फूलों से सजावट की गई है। इसके अलावा मास्टरपीस पनसुटिया और केल के साथ शहीद पथ हाईवे अंडरपास के पास सजावट की गई है। कई अन्य स्थानों जैसे बड़ा इमामबाड़ा, कालीदास मार्ग, छोटा इमामबाड़ा, लोहिया पथ, 1090 चौराहा, अर्जुनगंज व हजरतगंज को भी सजाया गया है।