लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. महरुख मिर्जा की बर्खास्तगी आदेश को रद्द करने के एकल पीठ के फैसले पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश विश्वविद्यालय की ओर से दाखिल विशेष अपील पर दिया। इसमें एकल पीठ के पांच अगस्त के फैसले को चुनौती दी गई थी।
प्रोफेसर मिर्जा ने 10 मार्च 2024 के बर्खास्तगी के आदेश, 25 नवंबर 2023 की अनुशासनात्मक समिति की जांच रिपोर्ट, कार्यकारिणी परिषद के निर्णय समेत 30 सितंबर 2021 की पूरक जांच रिपोर्ट को एकल पीठ के समक्ष चुनौती दी थी। एकल पीठ ने इन सबको निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ विश्वविद्यालय ने दो न्यायाधीशों की खंडपीठ में विशेष अपील दाखिल करके एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी। खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले पर रोक लगा दी है। मामले को अगली सुनवाई के लिए दो माह बाद सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।