प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ल ने मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी को इस संबंध में पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि इस अभियान के दौरान पुनरीक्षण कार्य में प्रमुख भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा।
बताते चलें मतदाता पुनरीक्षण अभियान से जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में डीएम, प्रभारी अधिकारी निर्वाचन के रूप में एडीएम व तहसील स्तर पर डिप्टी कलेक्टर सीधे जुड़े रहते हैं। इसके अलावा ग्राम्य विकास, पंचायतीराज व राजस्व सहित विभिन्न विभागों के फील्ड से जुड़े कर्मी बीएलओ की भूमिका में होते हैं। 15 अक्तूबर से 15 जनवरी 2020 तक इनके तबादले नहीं किए जा सकेंगे। अपरिहार्य परिस्थितियों में सरकार आयोग की अनुमति से तबादले कर सकेगी।
जानकार बताते हैं कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग प्रदेश विधानसभा की 12 रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा जल्द ही कर सकता है। उपचुनाव की कार्यवाही 15 अक्तूबर के पहले पूरे होने की संभावना कम है। ऐसे में उपचुनाव की घोषणा से पहले सरकार कई जिलों में डीएम, एडीएम व डिप्टी कलेक्टर के तबादले कर सकती है। काफी डिप्टी कलेक्टर हाल में बदले भी गए हैं।