कथावाचक आचार्य संजीवकृष्ण ठाकुर ने समरसता का महत्व बताया।
लखनऊ। कृष्णानगर के सिंधुनगर में चल रही पंच सूत्रीय कथा के तीसरे दिन रविवार को कथावाचक आचार्य संजीवकृष्ण ठाकुर ने समरसता का महत्व बताया। समाज तभी संतुलित और खूबसूरत बनता है जब हर व्यक्ति दूसरे की गरिमा को स्वीकार करे और उसे बराबरी का स्थान दे। भेदभाव की जगह सहयोग और साझा दायित्व का पाठ पढ़ाया। मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रदेव शुक्ला ने कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए समानता जरूरी है। मुख्य वक्ता आरएसएस के सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख (पूर्वी उप्र) मनोज कांत ने कहा कि संगठन के मूल में समरसता एक जीवंत मूल्य है। भेदभाव से नकारात्मक समाज बनता है, इसलिए इससे दूर रहें। अच्छे कार्यों के लिए ब्लॉसम इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक शशि प्रकाश सिंह, रविदास मंदिर के राम खेलावन, समाजसेवी रामकिशोर, समाजसेवी धनंजय गुप्ता को सम्मानित किया गया। भारत विकास परिषद अवध प्रांत की ओर ये यह आयोजन कराया जा रहा है। परिषद के संगठन मंत्री विक्रांत खंडेलवाल, महासचिव एसके सक्सेना, आरके भदौरिया, राम औतार, मुख्य यजमान बीरेंद्र सिंह चौधरी आदि लोग मौजूद रहे। (संवाद)
कथावाचक आचार्य संजीवकृष्ण ठाकुर ने समरसता का महत्व बताया।
कथावाचक आचार्य संजीवकृष्ण ठाकुर ने समरसता का महत्व बताया।