अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन ने कहा है कि सरकार ने कोविड-19 के दौरान 40 से अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। इससे 45,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इनमें से करीब 1.35 लाख रोजगार से जुड़ी परियोजनाओं का क्रियान्वयन शुरू हो गया है।
टंडन लोकभवन में आयुक्त सभाकक्ष में अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार के साथ पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने बीते छह महीने में निवेश आकर्षित करने के लिए किए गए प्रयासों व प्राप्त उपलब्धियों साझा किया। टंडन ने बताया कि इन निवेश प्रस्तावों में जापान, अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, जर्मनी व दक्षिण कोरिया आदि की कंपनियों के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीने में 6,700 करोड़ रुपये के निवेश परियोजनाओं के लिए 426 एकड़ (326 भूखंडों) भूमि का आवंटन किया गया है। इससे 1,35,362 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। निवेश से जुड़ी अन्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी कार्यवाही चल रही है।
अन्य निवेश परियोजनाओं में करीब 10 देशों निवेश प्रस्ताव भी शामिल हैं। हीरानंदानी ग्रुप, सूर्या ग्लोबल, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एमजी कैप्सूल्स, केशो पैकेजिंग, माउंटेन व्यू टेक्नालोजी जैसे निवेशक अपने प्रोजेक्ट लगाएंगे। इसी तरह कोविड-19 के बाद 14,900 करोड़ रुपये के निवेश-प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में परिवर्तित कर अब तक 43 प्रतिशत एमओयू क्रियान्वयन में सफलता मिली है।
उन्होंने बताया कि निवेशकों की सुविधा के लिए 52 प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। प्रदेश ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में 12 अंक की छलांग लगाकर देश में दूसरे स्थान पर आ गया है। नीतियों में सुधार, भूमि आवंटन व पिछड़े क्षेत्रों में निवेश प्रोत्साहन के कई नए कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा इन्वेस्टर्स समिट से जुड़े एमओयू के क्रियान्वयन को लेकर भी फोकस काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों खासकर पूर्वांचल और मध्यांचल में कई निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।