रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी उन्मादी हिंसा पर चिंता व्यक्त की है। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 के एक महत्वपूर्ण फैसले में केंद्र व राज्य सरकारों को चार सप्ताह में इस मामले को पृथक अपराध मानते हुए दंड की व्यवस्था करने को कहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भीड़ हिंसा के दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कह चुके हैं।