लखनऊ। लंबे समय से सुस्त पड़ी उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी में एक बार फिर से हलचल शुरू हो गई है। मूर्तिकारों, चित्रकारों व छापा कलाकारों के लिए कैंप व प्रदर्शनी लगाकर उन्हें प्रोत्साहन देने की शुरुआत हो चुकी है। इसी क्रम में अकादमी की ओर से राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। कला आचार्य प्रदर्शनी का आयोजन शुरू हो चुका है तो वहीं क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी की शुरुआत कानपुर से होने जा रही है। इसके अलावा 22 साल बाद राष्ट्रीय शिविर का आयोजन वाराणसी में होने जा रहा है।
कैसरबाग की लाल बारादरी में स्थित राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने सोमवार को बताया कि कला आचार्य प्रदर्शनी के आयोजन प्रदेश के सात चयनित क्षेत्रों में चल रहे हैं जिसमें प्रदेश भर के कला आचार्य उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इसके अलावा 21 से 23 दिसंबर तक कानपुर में क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी की शुरुआत होने जा रही है। इसके बाद 18 से 20 दिसंबर तक वाराणसी में, 23 से 25 दिसंबर तक मेरठ में और फिर आगरा समेत सभी सात संभागों में प्रदर्शनी के आयोजन जनवरी के पहले सप्ताह तक पूर्ण करा लिए जाएंगे। अध्यक्ष ने बताया कि वार्षिक पुरस्कारों के लिए जल्द ही लखनऊ में भी चित्रकला प्रदर्शनी लगेगी जिसमें चयनित कलाकारों को 25-25 हजार रुपये की सम्मान राशि भी दी जाएगी। छापा चित्रों के लिए शिविर का आयोजन केंद्रीय ललित कला अकादमी के साथ मिलकर किया जाएगा। जनवरी 2026 के अंत में लगने वाले इस शिविर का आयोजन केंद्रीय ललित कला अकादमी के अलीगंज में स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में किया जाएगा।
राष्ट्रीय कैंप में 15 कलाकारों को मिलेगी 50-50 हजार की सम्मान राशि
अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि वाराणसी में 20 से 30 जनवरी 2026 को लगने वाले मूर्तिकला शिविर में देशभर से मूर्तिकार जुटेंगे। वे यहां बड़े-बड़े पत्थरों को तराशकर सुंदर आकृतियों में ढालेंगे। चयनित 15 मूर्तिकारों को 50-50 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी।
ब्रजघाट व लखीमपुर खीरी में भी लगेंगे राज्य स्तरीय कैंप
राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष ने बताया कि दिसंबर के आखिरी में ब्रजघाट में भी दूसरा राज्य स्तरीय शिविर लगेगा जिसमें प्रत्येक कलाकार को 20 हजार रुपये सम्मान राशि दी जाएगी। इसके अलावा लखीमपुर खीरी में भी लोककला व जनजातीय कलाकारों के लिए राज्य स्तरीय कैंप लगेगा जिसमें चयनित 25 कलाकारों को मौका दिया जाएगा। उनकी कलाकृतियों को स्थान मिलेगा और प्रत्येक कलाकार को 15-15 हजार रुपये मानदेय भी दिया जाएगा।