प्रदेश सरकार बंजारों को एसटी का दर्जा देने की तैयारी में है। इसके लिए शासन ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जल्द ही इसे स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
यूपी में बंजारों की आबादी करीब 10 लाख बताई जाती है। वर्तमान में इन्हें घूमंत जाति (डिनोटिफाइड ट्राइब्स) में रखा गया है। कई जिलों में इन्हें ओबीसी आरक्षण का लाभ दिया जाता है। लेकिन, इस वर्ग में शामिल होने से नौकरियों में उन्हें समुचित भागीदारी नहीं मिल पा रही है। नतीजतन, लंबे समय से बंजारा जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग की जा रही है।
शासन के सूत्रों के मुताबिक, इन्हें एसटी में रखे जाने के लिए फाइल आगे बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री के दस्तखत होने के बाद प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
अंतिम निर्णय केंद्र सरकार ही ले सकती है। एसटी में शामिल होने पर इस जाति को भी दो प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। इससे इनका शैक्षणिक, आर्थिक एवं सामाजिक विकास हो सकेगा।
यहां बता दें कि पहले भी कई बार केंद्र सरकार को बंजारा जाति को एसटी का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव भेजा गया। इसे स्वीकार नहीं किया गया। लेकिन, इस बार प्रदेश सरकार ने केंद्र में भी कड़ी पैरवी का फैसला किया है।