राज्य सरकार ने उत्पीड़न के शिकार एससी-एसटी वर्ग को दी जाने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी कर दी है। अब एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं को 8.25 लाख रुपये की मदद दी जाएगी, वहीं किसी महिला के साथ बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज होने पर उसे चार लाख रुपये की मदद होगी। मंगलवार को इस बाबत शासनादेश जारी कर दिया गया।
अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों का उत्पीड़न होने पर उन्हें आर्थिक मदद देने का प्रावधान है। शासन ने आर्थिक मदद की संशोधित दरें जारी कर दी हैं। हालांकि, पीड़ित एफआईआर दर्ज होने के बाद ही मदद पाने के हकदार होंगे।
शासनादेश के अनुसार, अनुसूचित जाति व जनजाति के किसी व्यक्ति को मतदान से रोकने पर पीड़ित को 85 हजार रुपये की मदद मिलेगी। किसी केस में झूठा फंसाए जाने का मामला सामने आने पर और सार्वजनिक स्थान पर अपमान होने पर एक लाख रुपये की मदद देने का प्रावधान किया गया है। महिला को गलत ढंग से स्पर्श करने के मामले की एफआईआर दर्ज होने पर दो लाख रुपये मिलेंगे।