लखनऊ। शिक्षा भवन के जिला विद्यालय निरीक्षक और संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) कार्यालय में सोमवार को कर्मचारियों ने अचानक हड़ताल कर कार्यालय को बंद करवा दिया। इस दौरान सभी विभागीय कार्य ठप रहे। वित्त एवं लेखा अधिकारी और जेडी कार्यालय के कर्मचारी के बीच उपजे विवाद ने अचानक यह घटनाक्रम मोड़ ले लिया। कर्मचारी लेखाधिकारी से माफी मंगवाने पर अड़े रहे। दिन भर अधिकारी कर्मचारियों को मनाने के बाद शाम को कर्मचारियों को शांत कर कार्यालय खुलवाया गया।
जेडी कार्यालय के प्रधान सहायक ओम प्रकाश यादव ने बताया कि शुक्रवार को जब वे वित्त एवं लेखाधिकारी मनोज कुमार से मिलने गए तो अपना परिचय देते हुए कुर्सी पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसपर लेखाधिकारी बिफर गए और अभद्रता की। कार्यालय से चले जाने को कहा, कहासुनी इतनी बढ़ गई कि नौबत हाथापाई पर आ गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत मध्यस्थता कर मामले को शांत कराया, लेकिन सोमवार को जब शिक्षा भवन खुला तो जेडी व डीआईओएस और डीडीआर कार्यालय के कर्मचारियों ने कार्यालय बंद करा दिया। उत्तर प्रदेश एजुकेशनल मिनिस्ट्रियल ऑफिसर्स एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने बैठक की। सचिव अवधेश कुमार यादव ने बताया की बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया और लेखाधिकारी के माफी मांगने तक काम बंद रखने का निर्णय लिया गया। इसके बाद सभी कर्मचारी परिसर में लेखाधिकारी के नारेबाजी करने लगे। इस दौरान अधिकारी कर्मचारियों को शांत कराने का प्रयास भी किया। शाम करीब 4 बजे जेडी सुरेंद्र तिवारी की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्ष में सुलह हुई। तब जाकर कर्मचारियों ने कार्यालय खोलकर काम शुरू किया। पूरे दिन कार्यालय बंद होने से विभागीय कार्य प्रभावित हुआ। इस दौरान स्कूलों को बांटे जा रहे प्रयोगात्मक परीक्षा के नियुक्ति पत्र भी पूरी तरह नहीं बांटे जा सके।